फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नमामि गंगे योजना के तहत संरक्षित की जाएं बल्ह की जीवनदायनी सुकेती और कंसा खड्डें

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नेरचौक (मंडी)। नमामि गंगे योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के बल्ह में भी सुकेती व कंसा खड्ड को बचाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। अन्यथा सुकेती व कंसा खड्डें भी सरस्वती नदी की तरह लुप्त हो जाएंगी। यह चिंता क्षेत्र के सेवानिवृत्त जज महंत राम चौधरी ने जताई है। उन्होंने कहा कि सुकेती खड्ड में दिन रात खनन हो रहा है मगर, प्रदेश सरकार व प्रशासन खामोश है। इस जीवनदायिनी खड्ड का जलस्तर 10 से 15 फीट नीचे उतर गया है। नेरचौक, रत्ती, धनोट, ढांगू, साईं, नागचला, बगला, ढोलक, करेड़ी में जलस्तर पिछले 10 सालों में 20 फीट नीचे गिर गया है, लेकिन प्रशासन के कुंभकर्णी की नींद सोया हुआ है। सेवानिवृत्त जज और क्षेत्र के धर्म सिंह ठाकुर, धर्मपाल, सुरेश कुमार, राकेश ठाकुर, नवीन कुमार, लाल सिंह, जोगराज, योगराज, जितेंद्र कुमार ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस सुकेती और कंसा खड्डों को नमामि गंगे योजनाओं के तहत संरक्षित किया जाए ताकि मिनी पंजाब को इनसे हमेशा हरा भरा रखा जा सके। इन लोगों का कहना है कि सुकेती खड्ड का सीना छलनी करने के लिए रोजाना पांच सौ से अधिक जेसीबी, ट्रैक्टर रेत बजरी लेकर यहां से अन्य जिलों को भेजते हैं। इसके चलते किसानों की उपजाऊ भूमि बर्बाद हो रही है और जलस्तर नीचे गिरता जा रहा है।
विज्ञापन

उधर, क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि सुकेती खड्ड के तटीकरण के लिए 320 करोड़ की राशि स्वीकृत है। जल्द से जल्द यह कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे स्वत: ही इसका संरक्षण होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें