अमर उजाला ब्यूरो
नेरचौक (मंडी)। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में अब टीबी रोग का निदान बहुत ही नवीनतम तकनीक के साथ होगा। कॉलेज को एक अत्याधुनिक मशीन की सौगात मिली है, जिसकी कीमत 18 लाख रुपये है। इस मशीन को सीबीएनएएटी कहा जाता है और प्रदेश में यह पहली मशीन है। पूरे देश में अब तक इस तरह की 23 मशीनें ही लगी हैं।
गौरतलब है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने मार्च में ऋषिकेश में जोनल समीक्षा बैठक में इस मशीन को यहां पर स्थापित करने का वादा किया था। मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य का कार्य देख रहे डॉ. महेंद्रू ने कहा कि बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने यह मशीन देने का वादा किया था, जो बहुत तेजी से पूरा हो गया है। डॉ. महेंद्रू ने कहा कि जल्द हम इसे माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थापित करेंगे और नवीनतम तकनीक आम जनता के लिए मुफ्त उपलब्ध होगी। उन्होंने राज्य टीबी अधिकारी के साथ-साथ राज्य सरकार का भी धन्यवाद दिया। मशीन प्रदान करने के लिए डॉ. बैरिया एसटीओ ने कहा कि हिमाचल 23वीं मशीन के लिए भाग्यशाली राज्य है, जो कई राज्यों का सिर्फ सपना है। आमतौर पर यह एक मशीन 10 लाख की आबादी के लिए है, जबकि हिमाचल की सरकार एक कदम आगे जा रही है और लोड व आवश्यकता अनुसार मशीनें स्थापित कर रही है।