मंडी। बल्ह, सराज और जिले के अन्य भागों में खेतों में तैयार खीरे की फसल कौड़ियों के भाव बिक रही है। इससे किसानों में मायूसी है। किसान अपनी फसल को मंडियों तक पहुंचाने के लिए किराया भी नहीं निकाल पा रहे हैं। किसानों से 3 से 4 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खीरा लिया जा रहा है।
बाजारों में यह 15 से 20 रुपये किलो के भाव से बेचा जा रहा है। ऐसे में किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उधर, टमाटर की कीमतों में आए दिन गिरावट से किसान परेशान हैं। किसानों पीर सिंह, यादव राम, ओम प्रकाश, हेत राम, नागनु राम, शिव राम, केहर सिंह, खेम सिंह, सुनील, भीम सेन, योगराज, आलम चंद, पुनीत, खेवा राम, योगराज आदि का कहना है कि उन्होंने कई बीघा खेतों में खीरे की फसल लगाई है। क्षेत्र से मंडियों तक खीरा ले जाने में वाहन पर 150 रुपये तक किराया लगता है। खीरे का दाम इतना मंदा है कि वाहनों का किराया भी नहीं निकल पा रहा है। इससे उन्हें व्यापार में नुकसान उठाना पड़ रहा है। आढ़तियों में पंकज, दिनेश कुमार, मीर सिंह, यादव राम का कहना है कि इस वर्ष अच्छी पैदावार हुई है। किसानों को इसका लाभ होने की बजाय व्यापार में भारी नुकसान हो रहा है, इससे वह चिंतित हैं।
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