फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देव समाज से जुड़े लोगों की उम्मीदेंऔर समस्याएं उन्हीं की जुबानी

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद स्टोरी टू
विज्ञापन

देव समाज से जुड़ेे लोगों की उम्मीदें
अंतरराष्ट्रीय मेलों को मिले चार करोड़ : पं. शिवपाल
सर्व देवता कमेटी के प्रधान पं. शिवपाल शर्मा ने सरकार से मांग की है कि प्रदेेश में होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय मेलों के लिए चार करोड़ की राशि प्रदान की जाए। सरकार की ओर से मेलों को बहुत ही कम राशि प्रदान की जाती है, जबकि इन मेलों में बहुत खर्च होता है। उन्होंने हर जिले में देव सदन बनाने की भी मांग की।
देवी-देवताओं के नाम की जाए जमीन : सरोच
सर्व देवता कमेटी के उप प्रधान एवं कोयला माता कमेटी के सचिव भीम सेन सरोच ने कहा कि जिला में जहां-जहां देवी देवताओं के मंदिर हैं, उन मंदिरों की जमीन को उन्हीं देवताओं या मंदिर कमेटी के नाम किया जाए, जिससे मंदिरों को संपूर्ण विकास करवाया जा सके। कई बार मंदिरों की जमीन पर विवादों के कारण मंदिरों के विकास कार्य लटक जाते हैं।
विज्ञापन

खत्म किया जाए लैंड टेडेंसी एक्ट : रेवती शर्मा
सर्व देवता कमेटी के मुख्य सलाहकार एवं देवता शायरी वाला कामेश्वर के कारदार रेवती शर्मा ने सरकार से लैंड टेडेंसी एक्ट को खत्म करने की मांग की। कहा कि इस एक्ट में जो देवताओं की जमीनें ली गई हैं, उन्हें वापस किया जाए। अगर ऐसा नहीं करना है तो इसकी एवज में देवताओं को एकमुश्त राशि प्रदान की जाए।
शिवरात्रि मेला स्थल को नहीं बदला जाए : वेदराम
सर्व देवता कमेटी के उपप्रधान वेदराम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के स्थल को बार-बार बदलने के सरकार फरमान सुनाती रहती है। कहा कि मेला स्थल किसी भी सूरत में बदलना नहीं चाहिए। देवताओं का ही चमत्कार था कि खलियार में मेले के लिए बनाया गया मैदान बरसात की भेेंट चढ़ गया।
पहले से चिन्हित स्थानों पर न हो दखल : लेखराज
सर्वदेवता कमेटी के संगठन मंत्री लेखराज ने कहा कि जिले में देवी-देवताओं से संबंधित कई मेले गांवों और ऐतिहासिक स्थानों पर होते हैं। कई बार इन मेलों के स्थानों को विकास के नाम पर विभाग और सरकार का दखल दिया जाता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि ऐसे स्थानों पर किसी भी प्रकार का दखल नहीं होना चाहिए।
सभी मंदिरों में लगाए जाएं सीसीटीवी कैमरे : मनोज
सर्व देवता कमेटी के प्रेस सचिव मनोज ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश और जिले में करोड़ों रुपयों की संपत्तियों और दुर्लभ मूर्तियों से सुसज्जित मंदिर हैं। ऐसे में हमेशा चोरी का डर सताया रहता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसके साथ ही हर मंदिर में पुलिस की गश्त होनी चाहिए।
गन लाइसेंस जारी करे सरकार : बुद्घे राम
देव चुंजवाला बालीचौकी के कारदार बुद्घे राम ने सरकार से उन्हें देवता की संपत्ति की रक्षा के लिए गन लाइसेंस जारी करने की मांग की है। कहा कि मेलों और सार्वजनिक स्थानों पर वह करोड़ों की संपत्ति से सुसज्जित रथ के साथ निकलते हैं। ऐसे में हथियार नहीं होने के कारण हमेशा असुरक्षा का भय लगा रहता है।
राशन और लकड़ी का कोटा बढ़े : वीर सिंह
देव विष्णू मतलोड़ा थुनाग के कारदार वीर सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि में आने वाले देवी देवताओं के कारदारों के लिए राशन और लकड़ी का कोटा बढ़ना चाहिए। हर बार देवता के साथ आने वाले कारदारों और देवलुओं में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में राशन और लकड़ी की कमी आ रही है। हर बार मेले में देवलुओं की संख्या बढ़ रही है।
धर्मार्थ से मिलने वाली राशि की मिले जानकारी : दिनेश
कमेटी सदस्य एवं चामुंडा भगवती द्रंग केे कारदार दिनेश शर्मा ने कहा कि रियासत काल में देवताओं के कारदारों को मेहनताना दिया जाता था। रियासत टूटने के बाद धर्मार्थ का गठन हुआ था। धर्मार्थ द्वारा भी कारदारों को मेहनताना राशि दी जाती थी। लेकिन आज उस राशि का कोई भी पता नहीं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इसके बारे में पूरी जानकारी मांगी है।
पंजीकृत किए जाएं प्राचीन देवी देवता : प्रकाश ठाकुर
सर्व देवता कमेटी के सचिव प्रकाश ठाकुर ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर आज तक कई प्राचीन देवी देवता हैं, जिन्हें आज तक पंजीकृत नहीं किया गया है। उन्होंने इन देवी देवताओं का प्राचीन इतिहास देखकर इन्हें भी पंजीकृत करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन

झगड़ों के निपटारे को गठित हो बोर्ड : युद्ध कुमार
सर्व देवता कमेटी के महासचिव युद्ध कुमार ने सरकार से मांग उठाई है कि देवी-देवताओं के झगड़ों का निपटारा करने में अक्सर बड़े विवाद सार्वजनिक हो जाते हैं। इससे देवी-देवताओं की शान पर दाग लगने लगता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक बोर्ड गठित किया जाए, जिसका अध्यक्ष अनुभवी कारदार हो और इसमें एक प्रशासन के अधिकारी भी हों।
देव समाज की कुछ अन्य मांगें
- सभी मंदिरों में सौर लाइटों का प्रबंध किया जाए।
- देव संस्कृति को बचाने के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिले।
- देव आस्था और परंपराओं के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें