अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। चुनावी बजट में गृहजिला मंडी पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का प्यार खूब बरसा है। सांस्कृतिक राजधानी के नाम से मशहूर छोटी काशी की मांडव नगरी मंडी को शिवधाम के रूप में विकसित करने की घोषणा से जनता की धार्मिक भावनाओं को छूने की कोशिश की गई है। युवा, किसानों, दस्तकारों सहित पशुपालकों के लिए नई योजनाओं का बजट में प्रावधान कर चुनावी हवा का रुख कुछ हद तक मोड़ने का प्रयत्न किया गया है लेकिन, जिला मंडी में बंदरों, जंगली जानवरों जैसी समस्याएं भी दरकिनार हुई हैं। वहीं, न्यू पेंशन स्कीम, निगम कर्मियों की मांगों को पूरा न करके संबंधित वर्ग को निराश किया है। जबकि, तेजी से विकासित हो रहे मंडी के नेरचौक, सुंदरनगर और सरकाघाट जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए प्रावधान नहीं है। हालांकि, सीएम के गृह जिला में बेशक बजट को लेकर हर तबके में खुशी का माहौल है, लेकिन कई ज्वलंत समस्याओं पर गौर न होने के कारण निराशा भी है। इसे चुनावी बजट के अलावा कुछ खास करार नहीं दिया जा रहा है। चर्चा है कि संसदीय क्षेत्र के वोटरों को हर तरफ खुश करने का प्रयास किया गया है।
धार्मिक पर्यटन को लगेंगे पंख
ऐतिहासिक धरोहरों का होगा सरंक्षण
मंडी। मुख्यमंत्री ने गृह जिला मुख्यालय मंडी को शिवधाम के रूप में बड़ी सौगात दी है। इसके तहत मंडी शहर को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। घाटों को बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। अगर यह घोषणा जमीनी स्तर पर फलीभूत हुई तो धार्मिक पर्यटन के पंख लगने के साथ-साथ मंडी में रोजगार के विकल्प भी बढ़ेंगे। ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण भी बेहतर हो सकेगा। गौरतलब है कि छोटी काशी मंडी में 82 से अधिक मंदिर हैं। दो मंदिर भारतीय पुरातत्व के अधीन भी हैं लेकिन धार्मिक नगरी मंडी को धार्मिक रूप से संवारने की कोई विशेष कवायद अब तक नहीं हुई है। न ही यहां मौजूद मंदिरों को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर उस तरह का स्थान मिल सका है। कुल मिलाकर अब तक इन मंदिरों को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित कर रोजगार के साधन बढ़ाने का इतना बड़ा कदम नहीं उठाया गया है।
बजट में यह मिला मंडी को
01-नेरचौक में कैथ लैब, हृदय रोगियों को राहत
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब के लिए बजट में घोषणा हुई है। इसके तहत नेरचौक में हृदय रोगियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे पहले हृदय रोगियों को उपचार के लिए शिमला, टांडा या बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता था लेकिन नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इस सुविधा से तीन जिलों कुल्लू, हमीरपुर और मंडी के लोगों को राहत मिलेगी।
02- करसोग में बहुतकनीकी संस्थान, लडभड़ोल में आईटीआई
आखिरकार करसोग में बहुतकनीकी संस्थान बहाल हो गया। भाजपा ने सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार को करसोग में बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना रद्द कर दी थी, जिस पर खूब बवाल हुआ। लोग सड़कों पर उतरे लेकिन चुनावी दौर में वोटरों की नब्ज टटोलते हुए फिर से बहुतकनीकी कॉलेज खोलने के लिए बजट का प्रावधान करने पर जनता में हर्ष है। जबकि लडभड़ोल में आईटीआई की सौगात से लोग गदगद हैं।
03- सराज को मिला बीएफार्मेसी कॉलेज
बजट में सीएम ने गृह क्षेत्र सराज में बीफार्मेसी कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इससे स्थानीय युवाओं को काफी फायदा होगा। वर्तमान में बीफार्मेसी की शिक्षा के लिए लोगों को क्षेत्र से बाहर का रुख करना पड़ता था। चूंकि आधुनिक दौर में बीफार्मा का अत्यधिक महत्व है और बढ़ रहे औद्योगीकरण में इस फील्ड में युवा भाग्य आजमाकर अच्छी पगार पा रहे हैं। ऐसे में हजारों युवाओं के लिए यह कॉलेज वरदान साबित होगा।
04- कॉफी से लहलहाएंगे खेत
मंडी जिले में पारंपरिक खेती के अलावा कॉफी की खेती भी होगी। कॉफी बोर्ड के तहत इसका उत्पादन हो सकेगा। ऐसे में किसानों को एक वैकल्पिक खेती का प्रावधान भी रहेगा। हालांकि, नाचन आदि क्षेत्रों में कॉफी की पैदावार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, जलवायु परिवर्तन संवेदनशीलता मूल्यांकन से भी मदद मिलेगा। प्रदेश में 25 करोड़ की योजना में मंडी को भी शामिल किया गया है। 05- ट्राउट पालकों के लिए राहत भरा बजट
जिले के बरोट और कुल्लू की तीर्थन वैली और पतलीकूहल में ट्राउट की पैदावार होती है लेकिन बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदा में ट्राउट के उत्पादन पर गहरा असर पड़ता है। इससे मछली पालकों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ता है। लेकिन, सरकार ने बजट में आगामी वित्त वर्ष में ट्राउट की पैदावार को बीमा योजना में लाने का फैसला लिया है। ऐसे में मछली पालकों के लिए काफी फायदा होगा।
06- जिला के हजारों दुग्ध उत्पादकों को राहत
जिले के हजारों उत्पादकों को बजट में राहत प्रदान की गई है। चक्कर में पचास हजार लीटर की क्षमता वाला नया दुग्ध विधायन यंत्र खुलेगा। जबकि, स्वचलित दुग्ध संग्रह इकाइयों का भी प्रावधान होगा। वहीं दो रुपये पशुपालकों से खरीद मूल्य बढ़ाने के बाद पशुपालकों को खारी राहत और आर्थिक लाभ मिलेेगा। वर्तमान में मंडी जिले में दुग्ध उत्पादन कॉफी अधिक है।
07- दस्तकारों को 75 फीसदी अनुदान पर औजार
दस्तकारों को सीएम दस्तकार सहायता योजना से काफी लाभ मिलेगा। तीस हजार के औजारों पर 75 हजार रुपये अनुदान तक का प्रावधान होगा। गौरतलब है कि सराज, नाचन और करसोग दस्तकारी के लिए काफी मशहूर है। ऐसे में औजारों की कमी इस स्वरोजगार में आड़े न अए, इस योजना से ऐसे लोगों को काफी हद तक फायदा मिलेगा।
कुछ सौगातें यह भी
- करसोग बरछवाड़ में बस स्टैंड के लिए प्रावधान
- उड़ान टू के तहत मंडी में हैलीपोर्ट के लिए अतिरिक्त बजट
- जोगिंद्रनगर में राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी में उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी
- आबकारी कार्यालयों में जीएसटी के लिए ऑनलाइन बूथ