मंडी। हौसले बुलंद हों तो रास्ते मिल ही जाते हैं। इसे सच कर दिखाया है सरोआ गांव के धावक खेमचंद ने। जिला मुख्यालय पर आयोजित विंटर हाफ मैराथन के सम्मान समारोह में धावक खेमचंद के जज्बे को हर किसी ने सलाम किया। खेम चंद ने आर्थिक तंगी में पंडोह में गत वर्ष अपने दम पर ही जमीन को गिरवी रखकर हॉफ मैराथन का आयोजन करवा दिया था। इस दफा उनके हौसले को जिला पुलिस का साथ मिला और जिलास्तर पर सूबे की पहली विंटर हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया। अब हर साल जिला पुलिस के सहयोग से खेमचंद मिलकर विंटर हॉफ मैराथन का आयोजन करेंगे। खेमचंद नव भारती एजूकेशनल डेवलपमेंट संस्था के अध्यक्ष हैं। वह गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा भी प्रदान कर रहे हैं। रविवार को पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन मंडी अजय कुमार यादव ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
जिला के सरोआ (दारण) निवासी धावक खेम चंद खुद एक धावक हैं। खेम चंद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उनको बचपन से ही एक धावक बनने का जुनून है। इसके लिए उन्होंने कई प्रयास किए, लेकिन कुछ घरेलू समस्याओं के चलते वह अपने मुकाम को हासिल नहीं कर पाए। लेकिन, दौड़ के लिए उनका जज्बा कभी भी कम नहीं हुआ। उन्होंने 2002 और 2003 में मुंबई में होने वाली चार्टर दौड़ में भाग लिया। इसके बाद इन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और प्रदेश में होने वाली हर छोटी-मोटी दौड़ों में भाग लिया। अब वह जिला एवं प्रदेश के सभी धावकों को एक मंच प्रदान करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने शुरुआत कर दी है। इससे पहले वह पंडोह में जनवरी 2017 में हाफ मैराथन का आयोजन करवा चुके हैं। उन्होंने जिला और प्रदेश के धावकों को संदेश दिया है कि वह अपने जज्बे को कभी कम न होने दें और जुनून को बरकरार रखें। वह मंडी में एक बार फिर तीन माह के बाद इसी प्रकार की एक और मैराथन का आयोजन करवाएंगे, ताकि जिला के धावकों को मंच मिल सके और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा को दिखा सकें। इसके अलावा उनकी संस्था नव भारती एजूकेशनल डेवलपमेंट गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा भी प्रदान कर रही है।
विभिन्न क्षेत्रों में नि:स्वार्थ कार्य करने के लिए समाजसेवी नवाजे
मंडी के सेरी मंच पर आयोजित हॉफ मैराथन के समापन समारोह में कई अन्य समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया। जिसमें दिव्यांग युवा हसन कुमार, गुरदीप सिंह, ज्ञान चंद, पृथ्वी पाल, रामचंद्र, राजा सिंह मल्होत्रा, कुमारी सुमना, सुख निधान सिंह, धर्मेंद्र राणा, खेम चंद, देवेंद्र आदि शामिल रहे।