धर्मपुर (मंडी)। अनुबंध नीति में पिस रहे हजारों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बनी भाजपा की सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के महासचिव विजय शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार ने अपने तरीके से पक्षपातपूर्ण अनुबंध नीति बनाकर कई कर्मचारियों को 8, 6 और 5 साल के अनुबंध काल के बाद नियमित किया तो अपने कार्यकाल में नियुक्त अनुबंध कर्मियों को लाभ देने के लिए 3 वर्ष बाद नियमित करने की नीति बना डाली। अनुबंध का दंश कम हुआ अच्छी बात है, परंतु पूर्व में बीजेपी की से नियुक्त कर्मचारियों के साथ जानबूझ कर पक्षपात किया गया। प्रदेश में 25 हजार से अधिक अनुबंध कर्मी हैं जो 8 से 5 वर्ष तक का कार्यकाल पूरा करके नियमित हुए हैं। उनका मानना है कि जिन अनुबंध कर्मियों को पिछली भाजपा सरकार ने नियुक्त किया, उनको वर्तमान सरकार ने 8 से लेकर 6 वर्ष बाद का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित किया है। जबकि, अपने कार्यकाल में नियुक्त कर्मियों को इसी सरकार ने 3 वर्ष की नीति बनाकर नियमित किया है। चुनाव से पहले ऐसे अनुबंध कर्मियों ने उसी दल का समर्थन करने की बात की थी जो उनको उनके अनुबंध काल की सिन्योरिटी की बात करेगा और यह भरोसा भाजपा प्रत्याशियों ने अपनी रैलियों में विभिन्न मंचों से दिलाया था। अब हमारी प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री से गुहार है कि निर्धारित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत कमीशन और बैचवाइज के माध्यम से नियुक्त कर्मियों को उनके अनुबंध काल की सिन्योरिटी दी जाए। संघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन सैनी ने कहा प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक युवा सरकार सत्ता में आई है और शिक्षित युवाओं का दर्द क्या होता है, यह इनसे बेहतर कोई नहीं जान सकता। इसके लिए हम प्रदेश सरकार का हर मोर्चे पर सहयोग करने के लिए तैयार हैं।