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Mandi News: मनरेगा से 150 पैदल पुल और बंद पड़े मार्गों को किया बहाल

Sun, 21 Sep 2025 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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आपदा प्रभावित क्षेत्र सराज के एक गांव में  में मनरेगा के तहत तैयार । स्त्रोत  स्त्रोत लोक संपर्
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मंडी। जिले में भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित ग्रामीण इलाकों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से अब तक 6.63 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले में कुल 26,481 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 446.09 करोड़ रुपये है। इनमें से 1,498 कार्यों पर काम शुरू हो चुका है।
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इन कार्यों में ग्रामीण सड़कों, क्षतिग्रस्त नालियों और बह चुके पैदल पुलों का पुनर्निर्माण प्रमुख रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा, खेती योग्य भूमि को बहाल करने का कार्य भी जोरशोर से चल रहा है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से अब तक लगभग 150 पैदल पुलों और बंद पड़े मार्गों को दोबारा खोला गया है। इससे दुर्गम गांवों की आवाजाही आसान हो गई है।
कृषि भूमि पर जमा मिट्टी और मलबे को हटाकर किसानों को पुनः खेती की सुविधा प्रदान की जा रही है। आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। राज्य सरकार ने मनरेगा नियमों में बदलाव करते हुए ग्राम पंचायतों को 20 कार्यों की शर्त से मुक्त कर दिया है और भूमि सुधार कार्यों की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी है। इस प्रावधान के तहत 7,846 कार्यों को 120.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है।
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वहीं, केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत आपदा प्रभावित प्रत्येक जॉब कार्ड धारक परिवार को 170 दिन तक रोजगार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसमें 50 अतिरिक्त मानव दिवस शामिल हैं। यह सुविधा मंडी जिले के हजारों परिवारों को सीधा लाभ देगी। जैसे-जैसे बरसात का मौसम थम रहा है, कार्यों की गति भी बढ़ रही है। यह पहल न केवल आपदा से हुए नुकसान की भरपाई में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता और बेहतर आजीविका की ओर भी अग्रसर करेगी।
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