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वीरभद्र-सुक्खू की रार में कूदे मंडी जिला अध्यक्ष

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मंडी। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की रार से मंडी जिला कांग्रेस में दरार पड़ गई है। सिंह और सुक्खू के बैनर की खेमेबाजी शुरू हो गई है। जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू को खुलेआम समर्थन किया। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें नसीहत दे डाली है। वहीं पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने जिलाध्यक्ष के बयानों को बेतुका और तर्कविहीन बताते हुए वरिष्ठ नेता पर इस तरह की बयानबाजी न करने की सलाह दी है। मंगलवार को प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं के लिए कबाड़ जैसा शब्द कहना शोभा नहीं देता है। क्या कांग्रेस कार्यकर्ता कबाड़ बेचता है? इन्हीं टिप्पणियों के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जोश में कमी आ रही है और उनकी विचाराधारा का आम व्यक्ति पर विपरीत असर पड़ रहा है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को कांग्रेस से जोड़ा है और पार्टी को आगे लाने में सहयोग किया है। कहा कि कुछ पार्टी कार्यकर्ता जुबान पर लगाम दें। हम देश के सिपाही है, जीत कर आगे आएंगे और जीत का झंडा गाड़ेंगे।
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ये रहे मौजूद
शहरी ब्लॉक अध्यक्ष दर्शन ठाकुर, सचिव संजीव गुलेरिया, अलकनंदा हांडा, बंसी लाल, लाल चंद, जिला महिला अध्यक्ष सुमन चौधरी और अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थन में 11 विधायक उतरे हैं। अब सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पक्ष में मंडी जिला अध्यक्ष ने उतर कर वीरभद्र सिंह की टिप्पणियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने वीरभद्र सिंह की सुक्खू को लेकर बयानबाजी को गलत ठहराया है।
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राहुल और पाटिल से होगी शिकायत
जिला अध्यक्ष दीपक ने कहा कि पूरे प्रकरण की शिकायत हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से की जाएगी। इस तरह टिप्पणियों का संज्ञान लिया जाए और इन्हें बंद करवाया जाए। उन्होंने कहा कि फैसलों का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन हमेशा फैसलों को गलत ठहराना गलत है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में भी कई चुनाव हारे हैं। ऐसे में सुक्खू के कार्यकाल में हार का हवाला देना कतई सही नहीं है।
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जिलाध्यक्ष पहले अपना कद देखें, सुक्खू बोल रहे झूठ
पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू और जिलाध्यक्ष दीपक अपना कद देख लें और अपने गिरेबान में झांक लें। बाद में वीरभद्र जैसी हस्ती पर बयानबाजी करें। उन्होंने कहा कि सुक्खू का यह कहना है कि वीरभद्र क्यों सरकार रिपीट नहीं करवा पाए, सरासर झूठ है। 1982 में वीरभद्र सिंह सीएम बने और उन्होंने 1985 में कांग्रेस रिपीट की। 1998 में सबसे ज्यादा सीटें लेकर भी कांग्रेस सिर्फ पंडित सुखराम की वजह से सरकार नहीं बना पाई। पार्टी को आगे लाना और पार्टी को जिताना अध्यक्ष का काम हैं जो सुक्खू कभी नहीं कर पाए। इन्होंने पार्टी हमेशा हरवाई है। पूर्व अध्यक्ष इसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते? मंडी जिला में हाल ही में विस चुनावों में दस में से तीन सीटें वीरभद्र पक्ष की बताई गईं, अब सुक्खू यह बताएं कि हारी सात सीटें किसके पक्ष की थीं?
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