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पुलिस पर वकील से मारपीट का आरोप, सड़कों पर बोला हल्ला

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सरकाघाट में रोष रैली निकालने के बाद नारेबाजी करते हुए - फोटो : अमर उजाला ब्य़ूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
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सरकाघाट (मंडी)। कुछ पुलिस कर्मचारियों पर एक अधिवक्ता के साथ मारपीट करने के बाद उसी पर केस बनाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए बार एसोसिएशन के पदाधिकारी रोष रैली निकालते हुए सड़कों पर उतर आए। आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अधिवक्ताओं ने कोर्ट की कार्यवाही का ही बहिष्कार कर दिया। साथ ही चेताया है कि जब तक आरोपी पुलिस कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई नहीं होती, तब तक बहिष्कार होता रहेगा। इससे पहले बुधवार को बार एसोसिएशन सरकाघाट इकाई की बैठक उपाध्यक्ष नरेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई। पुलिस की इस कार्रवाई की बार एसोसिएशन सरकाघाट ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकाघाट बाजार में रोष रैली भी निकाली। बैठक करने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता कंवर दलेर सिंह, तेग सिंह ठाकुर, पीएस तलवार, संदीप, पवन कुमार, दिनेश आदि ने एसडीएम सरकाघाट के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन प्रेषित किया तथा दोषियों के खिलाफ शीघ्र सख्त कार्रवाई करने के साथ उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग उठाई। बार एसोसिएशन ने सरकार को चेताते हुए कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक एसोसिएशन कोर्ट की कार्यवाही का बहिष्कार करेगी। उधर, डीएसपी चंद्रपाल ने कहा कि पुलिस मामले में जांच करेगी। यदि आरोप साबित हुए तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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यह है मामला
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर को अधिवक्ता सुरेश कुमार राठौर रात करीब नौ बजे सामान लाने के लिए लोअर बाजार सरकाघाट स्थित एक दुकान पर गए। वहां पर मौजूद एक ट्रक चालक और कंडक्टर ने उनसे बदसलूकी करनी शुरू कर दी। इस पर जब अधिवक्ता सुरेश ने इसका कारण पूछा तो दोनों चालक-परिचालक उनसे उलझ गए। इस दौरान वहां होमगार्ड के दो जवान पहुंचे, जिन्होंने बहसबाजी और मारपीट को रोकने के बजाए अधिवक्ता सुरेश को धमकाते हुए उन्हें डंडों से पीटना शुरू कर दिया। थोड़ी देर में वहां पुलिस की गाड़ी भी पहुंच गई। इसमें 6-7 पुलिस जवान उतरे और सभी लोगों ने मिल कर सुरेश कुमार को बेरहमी से डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इससे सुरेश के शरीर पर घाव पड़ गए तथा बिना किसी को सूचना दिए घायल सुरेश को अस्पताल व पुलिस थाना सरकाघाट में ले गए। यहां उन्हें लगभग रात तीन बजे तक बंदी बनाए रखा।
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