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फिजूलखर्ची पर कनेक्शन काटने का फरमान, खुद हजारों लीटर पानी व्यर्थ गवां रहा विभाग

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मंडी। पानी की फिजूलखर्ची पर उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटने का फरमान जारी करने वाले आईपीएच विभाग मंडी पर दीपक तले अंधेरे की कहावत चरितार्थ हो रही है। मंडी शहर की पेयजल आपूर्ति की मेन राइजिंग पाइपलाइन विक्टोरिया ब्रिज पर लंबे अरसे लीक हो रही है। दस दिन में विभाग इसे दो बार दुरुस्त कर चुका है। लेकिन, इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। हल्की लीकेज को विभाग अरसे से यहां पर नजरअंदाज कर रहा था। गत दिनों जब पाइप की लीकेज बढ़ी तो हजारों लीटर पानी विक्टोरिया ब्रिज पर व्यर्थ बह गया। मामले की सूचना मिलते ही अगले ही दिन विभाग ने पाइप को दुरुस्त किया। लेकिन, हल्की लीकेज जारी रही। रविवार को सुबह जैसे ही साढ़े चार बजे के करीब शहर के लिए पानी छोड़ा गया तो पाइप एकाएक फट गया। दो से तीन घंटे तक यहां पर हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। विभागीय कर्मियों ने फिर मौके पर पहुंच कर पाइपों को दुरुस्त किया। लेकिन, पाइप को बदला नहीं गया है। जिससे यह पाइप कभी भी लीक हो सकती है। यह पाइपलाइन दशकों पुरानी है। जिस कारण बार-बार मरम्मत के बावजूद दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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शहर में विभाग ने जहां पानी की फिजूलखर्ची पर रोक लगा दी है और नए भवन निर्माण पर पानी के प्रयोग पर कनेक्शन काटने के फरमान जारी कर दिए हैं, वहीं शहर में विभाग के नाक तले हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। इस पानी को बचाने के लिए विभाग के तरफ से कोई भी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मंडी शहर के लिए कई दशकों से बिछाई गई पेयजल लाइन की पाइपें शहर में कई स्थानों पर लीक हो रही है। इसके चलते रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। विक्टोरिया पुल के पास अक्सर पानी की इन लीकेज पाइपों से पानी प्रेशर के साथ बाहर निकलता हुआ देखा जा सकता है। हालात यह हो चुके हैं कि जहां हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

समस्या का होगा स्थायी समाधान : एसडीओ
विभाग के एसडीओ एचके शर्मा ने बताया कि पाइप लाइन काफी पुरानी होने के कारण यह दिक्कत बार-बार आ रही है। विभाग के कर्मचारियों की ओर से ऐसे प्वाइंटों को तुरंत ठीक कर दिया जाता है। इसके स्थायी समाधान को प्रयास जारी हैं।
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