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सामरिक महत्व के लिए जाहू में ही बने हवाई अड्डा

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अमर उजाला ब्यूरो
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मंडी/बलद्वाड़ा। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उपयुक्त स्थान के चयन को लेकर अब प्रदेश के सेवानिवृत्त आर्मी अफसरों और समाजसेवियों ने भी चुप्पी तोड़ दी है। पूर्व सैनिकों ने सामरिक महत्व के लिए जाहू में हवाई अड्डा बनाने का समर्थन किया है। मंडी, बिलासुर और हमीरपुर के पूर्व आर्मी अफसरों ने इस संबंध में अपने तर्क दिए हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से जाहू सबसे उपयुक्त है क्योंकि चीन पाकिस्तान को टक्कर देने के लिए जाहू से लड़ाकू विमानों की बेहतर उड़ानें हो सकती हैं। इस स्थान पर पहाड़ियां बहुत कम हैं और उड़ानों में कोई भी दिक्कतें नहीं आएगी। वहीं, समाजसेवियों का कहना है कि जाहू हर लिहाज से हवाई अड्डे के लिए उपयुक्त है। यहां भूमि पर्याप्त है और अधिकतर जमीन बंजर है। बल्ह की उपजाऊ जमीन को उजाड़ने से अच्छा है कि इस बंजर भूमि का सदुपयोग हो। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जाहू की बंजर भूमि पर अड्डे का निर्माण किया जाए।
बलद्वाड़ा से सेवानिवृत्त कैप्टन एवं ऑनरेरी कमीशन अफसर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश वर्मा ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से जाहू सबसे बेहतर विकल्प है। भविष्य में यहां से लड़ाकूू विमानों की दुश्मनों को तीखा जवाब देने के लिए बेहतर उड़ानें हो सकती हैं।
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हमीरपुर से कै. जसवंत सिंह का कहना है कि हवाई अड्डे के लिए हमेशा बाधा रहित स्थान होना चाहिए। इन शर्तों पर जाहू बिल्कुल सही सटीक स्थान है। इसलिए यहां अगर हवाई अड्डा बनाया जाए तो उत्तर भारत में यह सबसे बेहतर एयरपोर्ट साबित होगा।
बलद्वाड़ा से कै. सत्यपाल जाहू में एयरपोर्ट बनाने की वकालत करते हुए कहा कि जाहू सबसे उपयुक्त स्थान है। प्रस्तावित स्थान पूरी तरह से बाधा रहित है और तीन जिलों का केंद्रबिंदु होने के चलते सभी जिलों को एक समान लाभ मिलेगा।
बलद्वाड़ा के समाजसेवी बालक राम ने कहा कि मिनी पंजाब बल्ह को उजाड़ने से बेहतर होगा कि जाहू जो हर प्रकार से उपयुक्त है, यहां की बंजर जमीन का सही प्रयोग हो। उन्होंने कहा कि इसमें बहुत कम विस्थापन होगा और मुआवजा भी कम देना पड़ेगा।
हमीरपुर के कै. नानक चंद पूर्व आर्मी अफसर ने कहा कि वह बल्ह में हवाई अड्डे के विरोध में नहीं हैं, लेकिन वहां पर उड़ानों में बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए जाहू में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाना उचित रहेगा।
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पूर्व सैनिक कै. हरवंश लाल ने कहा कि उनके विचार में अगर जाहू में हवाई अड्डा बने तो सबसे उचित है। यहां पर जमीन की उपलब्धता के साथ ही यह पूरी तरह से बाधा रहित स्थान है। यहां पर एयरपोर्ट होने से भविष्य में बिलासपुर- भानुपल्ली लेह रेलवे लाइन बनने से सेना के कार्यों में बहुत अधिक लाभ मिलेगा।
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