मंडी। ऐतिहासिक पड्डल मैदान में करीब डेढ़ दशक बाद रणजी मैचों का रोमांच देखने को मिलेगा। अब हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने मैदान को संवारने का जिम्मा उठाया है। मैदान को नए सिरे से क्रिकेट, फुटबाल और हॉकी के लिए इस तरह से विकसित किया जाएगा कि कोई भी खेल एक दूसरे के आड़े न आए। मैदान को नए स्वरूप में लाने के लिए करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह खर्च क्रिकेट पिच बनाने और विदेशी घास को मैदान में उगाने पर किया जाएगा। इसके अलावा मैदान को समतल भी किया जाएगा। जिससे दो वर्षों से बिन क्रिकेट पिच से महरूम खिलाड़ियों को एक बार फिर पड्डल में खेलने के लिए अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि एचपीसीए के पिच क्यूरेटर मैदान का दौरा कर चुके हैं। वह जिला प्रशासन को पिच को तैयार करने संबंधी खर्च और जरूरत की रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके अलावा मैदान को नए स्वरूप में लाने को उपकरणों पर करीब डेढ़ करोड़ रूप खर्च किए जाएंगे। मैदान में पिच इस तरह से बनाई जाएगी ताकि फुटबाल और हॉकी की मार्किंग पर इसका असर न पड़े। हालांकि, मैदान पर जिला खेल परिषद का ही पूरी तरह से नियंत्रण रहेगा। लेकिन, मैदान के रखरखाव का खर्च एचपीसीए ही उठाएगी। एचपीसीए के जिलाध्यक्ष अजय राणा ने इसकी पुष्टि की है।
न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलियन क्रिकेट मैदानों की तर्ज पर उगाई जाएगी घास
मल्टीपर्पज ग्राउंड होने के चलते पड्डल मैदान में चुनावी रैलियां, शिवरात्रि मेले का आयोजन भी किया जाता है। जिसके चलते खेलों के लिए मैदान को तैयार करना कड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में मैदान पर ऐसी घास लगाई जा रही है जिस पर मेलों और चुनावी रैलियों के दौरान भारी संख्या में लोगों के चलने से भी असर न पड़े। न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलियन क्रिकेट मैदानों की घास को पड्डल में उगाया जाएगा।
पूर्व सरकार का खेलों के प्रति रहा नकारात्मक रवैया : राणा
एचपीसीए अध्यक्ष अजय राणा ने मंडी प्रेस वार्ता कर पूर्व कांग्रेस सरकार पर खूब हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार का रवैया खेलों के प्रति बेहद नकारात्मक था। वर्तमान जयराम सरकार का खेलों के प्रति रवैया सकारात्मक है। सीएम जयराम ठाकुर ने खेलों के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है। वह पड्डल मैदान में खेलों के आयोजन को लेकर खुद व्यक्तिगत तौर पर इच्छुक हैं। जबकि, ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा भी इसके लिए प्रयासरत हैं। सरकार के साथ मिलकर मैदान को नए स्वरूप में लाया जाएगा।