नबाही/सरकाघाट (मंडी)। सत्ता बदलने के बाद पंचायत समितियों में तख्तापलट कर भाजपा का परचम फहराने की कवायद तेज हो गई है। गोहर, धर्मपुर पंचायत समितियों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी छीनने के बाद अब भाजपा ने सरकाघाट पंचायत समिति कब्जाने का दांव चल दिया है।
सरकाघाट पंचायत समिति पर भाजपा समर्थित सदस्यों की ओर से कांग्रेस के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष से कुर्सी हथियाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया है। मंगलवार को 18 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र उपायुक्त मंडी और जिला पंचायत अधिकारी को भेजा गया है। जिसमें उन्होंने वर्तमान पंचायत समिति अध्यक्ष उमा देवी और उपाध्यक्ष रंजीत सिंह के दो साल के कार्यकाल को निराशाजनक करार देते हुए उनके प्रति अविश्वास प्रकट किया है।
ये हैं समीकरण
27 सदस्यीय गोपालपुर पंचायत समिति में कांग्रेस समर्थित 17 सदस्य थे, लेकिन अब 18 सदस्यों ने हस्ताक्षर करके कांग्रेस समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रकट किया है। जिससे अब शीघ्र ही भाजपा के लिए पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए रास्ता तैयार दिख रहा है।
कांग्रेसी खामोश, भाजपा विधायक एक्शन में
अभी तक इस पर कांग्रेस के सदस्यों ने कोई भी टिप्पणी नहीं की है पर, भाजपा विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि यह पंचायत समिति के सदस्यों का अपना फैसला है। पूर्व में कांग्रेस ने दबाव डालकर ही भाजपा के सदस्यों को उस समय जबरन समर्थन देने को मजबूर किया था। अब सत्ता बदलते ही हालात बदले हैं तो निष्ठाएं बदलना कोई बड़ी बात नहीं है।
15 मार्च को प्रस्ताव पर लगेगी मुहर
जिला पंचायत अधिकारी गिरीश शर्मा ने अविश्वास प्रस्ताव की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा को लेकर 15 मार्च तिथि निर्धारित की गई है। गोपालपुर पंचायत समिति हाल में इस पर चर्चा की जाएगी।