जंजैहली (मंडी)। बगलियारा के जंगल में शनिवार रात आग लग गई। इस आग को बुझाना ग्रामीणों के लिए गले की फांस बन गया। लोगों ने आग बुझाने के लिए मिट्टी खोदी और आग पर फेंकी। वहीं, हरी पत्तियों से भी आग बुझाने का कार्य किया। रात करीब 11 बजे तक ग्रामीणों ने इस आग पर काबू पाया। अगर आग को समय रहते नहीं बुझाया जाता तो दो घर इसकी चपेट में आ जाते। वहीं, रविवार सुबह भी आग फिर लग गई और इसने करीब आधा जंगल राख कर दिया।
सिराज क्षेत्र के जंगलों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पर आज तक फायर स्टेशन नहीं होने के कारण आग की घटनाओं पर काबू पाना मुश्किल हो गया है। लोगों को आग बुझाने के लिए मिट्टी और झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। क्षेत्र में आए दिन आग से वन संपदा राख हो रही है। वहीं अब तक कई परिवार भी इस आग की चपेट में आने से बेघर हो चुके हैं। रोजाना जंगलों में आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। इस साल के 20 दिनों में ही यहां पर दर्जनों बड़े अग्निकांड सामने आए हैं।
सड़कें न होने से अधिक परेशानी
सिराज के अधिकतर गांवों में न तो सड़क सुविधा है और न ही आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए कोई फायर स्टेशन। इससे जंगलों में लगने वाली आग को समय पर नहीं बुझाया जाता और जंगल में करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो जाती है। लोगों का आरोप है कि विभाग के कर्मचारी आग बुझाने के समय जंगल में दिखाई नहीं देते, जबकि अगर ग्रामीण अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए जंगलों में आ जाएं तो उन पर जुर्माना कर दिया जाता है।
अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की मांग
ग्रामीणों राम सिंह, प्रेम सिंह, भूपेश कुमार, मुकेश कुमार, जवाहर ठाकुर, मधु, शेर सिंह, रामलाल, लीलमणी, नवनीत सिंह, तेज सिंह, जाहरू लाल आदि ने मुख्यमंत्री से शीघ्र ही सिराज क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिराज के लोग लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं, लेकिन आज तक उनको यह सौगात नहीं मिली है।