मंडी। न प्रशासनिक अमला न इर्द गिर्द स्थानीय पुलिस के अफसर। सीएम बनने के बाद पहली बार छोटी काशी मंडी पहुंचे सीएम आम आदमी की तरह टहलते और मंदिरों में माथा टेकते नजर आए। पुलिस और प्रशासन को उन्होंने साथ आने की बजाए रूटीन के कार्य निपटाने के निर्देश दिए। बिना प्रशासनिक ताम-झाम के ही सीएम ने शहर में चल रहे एडीबी प्रोजेक्ट के कार्यों का जायजा भी लिया और टारना मंदिर तथा बाबा भूतनाथ मंदिर में भी शीश नवाया। सुबह करीब साढ़े सात बजे ही वह टारना मंदिर में पहुंच गए। यहां पर एडीबी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों की रिपोर्ट ली और मां की आरती कर आशीर्वाद लिया। उनके कुछ दोस्त खास तौर पर साथ रहे। चुनाव जीतने के बाद सीएम टारना मंदिर में अपने परिवार के साथ शीश नवा चुके हैं। इसके बाद वह थनेड़ा मुहल्ला स्थित संघ कार्यालय पहुंचे। इसके बाद सीएम सीधा मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ के दर्शन करने पहुंचे। भाजपा मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा ने कहा कि सीएम साढ़े दस बजे के करीब शिमला लौट गए।
लंबे अरसे से विभिन्न राज्यों में आरएसएस के प्रचारक के रूप में कार्य करने वाले सीएम गृह जिला में पहुंच कर संघ कार्यालय जाना नहीं भूले। शिमला लौटने से पहले वीरवार को उन्होंने टारना मंदिर में दर्शन करने के बाद संघ कार्यालय में करीब आधा घंटा बिताया और संघ के स्वयंसेवकों के साथ चर्चा की। इसके बाद वह बाबा भूतनाथ के मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे।
आधा घंटा तक संघ की मजबूती पर चर्चा
एडीबी प्रोजेक्ट के प्रबंधक राकेश अरोड़ा ने कहा कि सीएम वीरवार सुबह टारना में पहुंचे। यहां पर उन्होंने एडीबी प्रोजेक्ट के कार्यों की जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। जिसमें चौहटा बाजार, इंदिरा मार्केट और सेरी मंच को बेहतर बनाया जा रहा है।