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हजारों सेब बगीचों में तौलिए बनाने का काम रुका

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गोहर (मंडी)। मंडी जिले में सूखा पड़ने से हजारों सेब बगीचों में तौलिए बनाने का कार्य रुक गया है। बारिश न होने के कारण सेब बागवानों के बगीचे के कार्य प्रभावित हो गए हैं। जमीन में पर्याप्त नमी न होने से बागवान तौलिए नहीं बना पा रहे हैं। इससे हजारों सेब बगीचों में तौलिए बनाने का काम पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। उधर, सूखे के चलते मंडी जिले में गेहूं की बिजाई भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। 15 नवंबर गेहूं बिजाई के लिए अंतिम समय था मगर सूखे के हालात ऐसे बन गए हैं कि किसानों और बागवानों की नींद उड़ गई है। गोहर, करसोग, बल्ह, सुंदरनगर, सदर, चौंतड़ा, सरकाघाट, धर्मपुर, द्रंग समेत सभी ब्लॉकों में गेहूं की बिजाई रुकी हुई है। जंजैहली घाटी, कमरूघाटी, ज्युणी घाटी और करसोग घाटी में हजारों सेब बगीचों में सूखे के कारण सेब बागवान अभी तक एक पौधे का तौलिया नहीं बना सके हैं। बागवानों में सूखे से हड़कंप जैसी स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र के किसानों और बागवानों चंद्रमणी ठाकुर, लाभ सिंह, भीम सिंह, यशवंत ठाकुर, ठाकर दास, दीनानाथ, दीवान चंद, महेंद्र कुमार, फरमेश, कुमार चंद, विकास और मुरारी लाल ने बताया कि सूखे के कारण वे गेहूं की बिजाई नहीं कर सके हैं और सेब बगीचों में तौलिए बनाने का कार्य भी ठप पड़ा हुआ है। इससे जिले में कृषि और बागवानी डगमगा गई है।
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देवताओं के पास जाना भी हुआ मुश्किल
लोगों का कहना है कि पशु बलि प्रथा बंद होने से किसान बागवान देवता के पास बारिश मांगने जाएं तो क्या लेकर जाएं वाली स्थित पैदा हो गई है। मान्यता है कि जिले में अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग को इंद्र देवता के नाम से जाना जाता है। जब भी सूखे जैसे स्थिति बनते है, किसान बकरा लेकर देव कमरूनाग के दरबार में पहुंच जाते थे। लेकिन अब बलि प्रथा बंद होने के कारण किसानों और बागवानों के लिए देवताओं के पास जाना भी मुश्किल भरा हो गया है। मंडी जिले के दस ब्लॉकों में गेहूं की बिजाई के लिए किसान तरस गए हैं लेकिन इंद्र देवता खुश न होने से खेत दिन प्रतिदिन और सूखे जा रहे हैं।
सप्ताह में बारिश न हुई तो होगी अधिक दिक्कत
किसान और बागवान नेताओं प्रेम सिंह ठाकुर और चतर सिंह ठाकुर ने कहा है कि अगर एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं होती है तो कृषि और बागवानी पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. खूब राम चौहान ने कहा कि 15 नवंबर तक गेहूं बिजाई का समय है। उन्होंने कहा कि सूखे के कारण गेहूं की बिजाई लेट हो गई है।
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पैदावार होगी प्रभावित: भारद्वाज
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा है कि आजकल बारिश होने से पर्याप्त नमी पर बागवान सेब पौधों के तौलिए कर सकते थे। उन्होंने कहा कि सूखे में तौलिए बनाना बागवानों के लिए मुश्किल होगा, वहीं अन्य पैदावार भी प्रभावित होगी।
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