धर्मपुर (मंडी)। आईपीएच धर्मपुर उपमंडल में कर्मचारियों के दर्जनों पद रिक्त होने के कारण लोगों को समय पर पानी की आपूर्ति करना मुश्किल हो गई है। वहीं जनसमस्याओं का निपटारा भी कठिन हो गया है। अगर कहीं लाइन में खराबी भी आती है तो समय पर उसे दुरुस्त कर पाना भी मुश्किल होता है। इसके कारण विभाग को ठेकेदार के माध्यम से कार्य करवाना पड़ता है। विभाग की कई स्कीमें कर्मचारी न होने के कारण ठेके पर चली गई हैं। सिंचाई योजनाएं भी सफेद हाथी साबित हो रही हैं। किसानों की फसलों को पानी न मिलने से सूखने लगी हैं। धर्मपुर उपमंडल के तहत कुल 26 पंचायतों की करीब 48000 आबादी है, जिसे पेयजल उपलब्ध करवाना होता है। पानी की समस्या को लेकर लोग प्रभावित हो रहे हैं।
इतने पद स्वीकृत, इतने रिक्त
इस समय विभाग के पास 134 वाटरगार्ड कार्यरत हैं, जबकि 86 वाटरगार्डों के पद रिक्त हैं। इसी प्रकार अभी 30 पंप ऑपरेटर कार्यरत हैं और 40 पंप ऑपरेटरों के पद रिक्त पड़े हैं। विभाग के पास कुल 51 पेयजल और 18 सिंचाई स्कीमें हैं। सिंचाई की स्कीमें कर्मचारी न होने के कारण बंद हैं और विभाग के अधिकारी पेयजल स्कीमों को बड़ी मुश्किल से चला पा रहे हैं।
नदी और नाले भरपूर फिर भी पेयजल समस्या
धर्मपुर विस क्षेत्र एक ऐसा विस क्षेत्र है, जहां खड्डें व नदियां तो हैं, लेकिन लोगों को उसके बाद भी पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की भारी किल्लत रहती है तथा आए दिन विभागीय कार्यालय में लोग पेयजल की शिकायतें लेकर पहुंचते हैं।
यहां है भारी परेशानी
अगर संधोल की बात करें तो वहां भी पेयजल की कुल 13 स्कीमें हैं और दो स्कीमें सिंचाई योजना की हैं। यहां की 15 पंचायतों की कुल आबादी लगभग 40000 है। इस समय विभाग के पास 15 पद चौकीदारों, 6 पद फिटरों के और पंप ऑपरेटरों के 16 पद रिक्त चल रहे हैं। हेल्परों के करीब 30 पद खाली चल रहे हैं।
मुश्किल हो रहा काम
आईपीएच विभाग उपमंडल धर्मपुर के सहायक अभियंता यशपाल शर्मा तथा संधोल के सहायक अभियंता शेखर कटोच ने कहा कि विभाग के पास कर्मचारियों की कमी होने के कारण लोगों को पानी की सप्लाई करने में भारी कठिनाई हो रही है। कई बार लाइन में तकनीकी खराबी आ जाए तो उसे ठीक करना भी मुश्किल हो जाता है। इन पदों को भरने के लिए सरकार को अवगत करवा दिया गया है।