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नेरचौक मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल, मरीज हुए परेशान

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नेरचौक (मंडी)। नियमित भर्ती होने के बाद आउटसोर्स पर रखे तीन कर्मचारियों को निकालने से खफा होकर सभी आउटसोर्स कर्मियों ने सोमवार मेडिकल कॉलेज नेरचौक में पेन डाउन स्ट्राइक कर दी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था का माहौल बन गया। पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि अन्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। ठेके पर रखे कर्मचारी निजी कंपनी आईएलएफएस की ओर से भर्ती किए हैं। स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कंपनी और कर्मचारियों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश की है। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। प्रबंधन ने स्ट्राइक पर गए कर्मियों की जगह सारा रेगुलर स्टाफ तैनात कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि हड़ताल से व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है। आउटसोर्स पर रखे कर्मचारी तीन साथियों की बहाली की मांग पर अड़े हैं। तब तक हड़ताल करने की चेतावनी दी है। हड़तालियों की तैनाती डाटा ऑपरेटर, चालक, ओटी कर्मी, लैब अटेंडेंट और रेडियोलोजी विभाग में हैं।
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तैनात किए रेगुलर कर्मचारी : एमएस
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र ने कहा कि पांच रेगुलर भर्तियां हुई हैं। तीन के ज्वाइन करने के बाद नियमानुसार उतने ही आउटसोर्स पर रखे कर्मचारियों को कंपनी ने निकाल दिया है। दो अन्य ने भी ज्वाइन करना है। हड़ताल पर जाने वालों की जगह अतिरिक्त रेगुलर स्टाफ तैनात किया, इससे कामकाज प्रभावित नहीं हुआ।
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नहीं हटाए जाएं आउटसोर्स कर्मचारी: दीना राम
आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रधान दीना राम और सचिव विजय कुमार ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को न हटाया जाए। जब कॉलेज में काम करने वाला कोई नहीं था, तब आउटसोर्स कर्मियों ने पूरी तन्मयता के साथ काम किया। अब जब चीजें दुरुस्त हो रही हैं, तो उन्हें बेरोजगार कर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है जो सही नहीं है।
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