जंजैहली/ थुनाग (मंडी)। मनाली के सोलंगनाला की तर्ज पर अब मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र के पर्यटन स्थल शिकारी देवी में लोग स्कीइंग का मजा ले सकेंगे। निर्देशों के बाद प्रशासन ने यहां साहसिक खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने की कवायद छेड़ दी है। कॉलेज के युवकों और स्थानीय लोगों को साहसिक खेलकूद के प्रशिक्षण से पर्यटन रोजगार की राह दिखाने का काम शुरू हो गया है। अटल विहारी वाजपेयी पर्वतारोही संस्थान मनाली के सौजन्य से क्षेत्र के स्थानीय नौजवानों एवं कालेज के छात्रों को स्कीइंग का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का सबसे बड़ा उद्देश्य साहसिक गतिविधियों में नवयुवकों को पारंगत करना है, ताकि आपदाओं के समय में यहां फंसे पर्यटकों को बिना किसी परेशानी के यह ट्रेंड युवक निकाल सकें। इससे जहां इस खेल को बढ़ावा मिलेगा, वहीं यहां पर आने वाले पर्यटक भी बिना किसी चिंता के यहां के नजारों का मजा ले सकेंगे। स्कीइंग के लिए पर्यटकों की दीवानगी का सभी को पता है। यदि कवायद सफल रही तो स्कीइंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए सैलानी यहां आकर्षित होंगे और एडवेंचर पर्यटन के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, पर्यटकों को इसका लुत्फ उठाने के लिए शिकारी देवी में प्रशासन की ओर से पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। पर्यटकों को इस खेल का पूरा मजा मिले और उन्हें कोई हानि न हो, इसके लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही जंजैहली के दुर्गम क्षेत्र में बर्फबारी के दौरान होने वाली आपदाओं से बचाने के टिप्स भी प्रशासन इस प्रशिक्षण में शामिल कर रहा है। इन दिनों प्रशासन इसी तरह के प्रशिक्षण को अंजाम देने में लगा हुआ है।
18 युवकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
प्रशासन ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए 11 मार्च तक स्थानीय युवकों से आवेदन मांगे थे। इस दौरान करीब 25 युवाओं ने इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन किए। इनमें से 18 युवाओं को अटल विहारी वाजपेयी पर्वतारोही संस्थान मनाली की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशासन करेगा 80 फीसदी फीस अदा
प्रशासन की तरफ से साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस ट्रेनिंग के लिए फीस 8400 रुपये निर्धारित की गई है। इस फीस का 80 फीसदी हिस्सा प्रशासन की तरफ से अदा किया जाएगा और मात्र 20 फीसदी ही प्रशिक्षु को देना होगा।
रोजगार के खुलेंगे द्वार
इस साहसिक खेल के यहां पर शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों और युवाओं के लिए रोजगार के साधन भी मिलेंगे। गोर हो कि पर्यटक जहां भी जाते हैं, वहां उनको ठहरने, खाने के अलावा कई चीजों की आवश्यकता होती है, इसलिए इन जरूरतों को यहां के स्थानीय लोग पूरा करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।
पर्यटन को मिलेगी नई दिशा : एसडीएम
एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने बताया कि प्रशासन की ओर से जिन युवकों को इस साहसिक खेल के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, वह भविष्य में पारंगत होकर यहां पर बर्फबारी में पहुंचने वाले पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से इस खेल का आनंद दिलाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र के पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। स्कीइंग के लिए लोगों की दीवानगी इस कद्र होती है कि वह जान की परवाह किए बिना इस खेल का आनंद लेते हैं लेकिन, यहां पर वह सुरक्षित खेल का मजा ले सकेंगे।