मंडी। राजदेवता माधोराय एवं मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ की पूजा से शिवरात्रि के कारज शुरू हो गए हैं। तीन बजे राजदेवता माधोराय के दरबार में पहुंचने पर विधिवत पूजा अर्चना के बाद दरबार सजा। राजदेवता राजा अशोक पाल सेन के दाईं ओर विराजमान हुए। जबकि, टीका ओमेश्वर सिंह सेन ने राज दरबार में पहुंचने वाले देवताओं का पूजन कर स्वागत किया। राज पुरोहित पवन शर्मा ने कहा कि सदियों से चल रही परंपरा के अनुसार देव कारज का आगाज हो गया है। बुधवार को देवताओं के छोटी काशी नगरी में पहुंचते ही नजारा ऐसा था मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और ढोल नगाड़ों की थाप पर देवलुओं ने शहर में खूब नाटी डाली। दरबार में 141 के करीब देवी देवता शिरकत करने छोटी काशी में पहुंच गए हैं।
दस बजे देव पूजन से देव कारज शुरू आगज
बुधवार को दस बजे के करीब बाबा भूतनाथ और राजदेवता माधोराय के मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ ही मंडी शिवरात्रि मेले के कारज शुरू हो गए हैं। बुधवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने राजदेवता माधोराय और मंडी शहर के अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की।
होमगार्ड के बैंड की धुन पर पूजन को पहुंचे डीसी
परंपरा के अनुसार बाबा भूतनाथ के मंदिर तक मेला कमेटी के अध्यक्ष होमगार्ड के बैंड की धुन पर परेड करती पुलिस, होमगार्ड पुरुष एवं महिला जवानों की टुकड़ी के साथ चौहाटा बाजार तक आए। जिसमें पुलिस के घुड़सवार रसाले आगे-आगे चल रहे थे। उसी के साथ रियासतकालीन देवता बदार क्षेत्र के थट्टा के शुकदेव ऋषि के देवता के रथ भी ढोल नगाड़ों के साथ चौहाटा बाजार में पहुंचे।
नौ बजे बड़ादेव कमरूनाग का किया पूजन
डीसी मंडी एवं मेला कमेटी के अध्यक्ष ऋग्वेद ठाकुर ने नौ बजे के करीब बड़ादेव कमरूनाग का पूजन किया। मंडी अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले में मंगलवार को पहुंचे जनपद के अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग से आशीर्वाद लेने के लिए बुधवार को टारना मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। पहले दिन ही देवता में आस्था रखने वाले भक्तों ने अपने देवता के समक्ष शीश नवाया और परिवार की खुशहाली की कामना की।
डेढ़ बजे ऐतिहासिक पड्डल में पहुंचे देव पराशर, भव्य स्वागत
देव पराशर ऋषि डेढ़ बजे के करीब ऐतिहासिक पड्डल मैदान में पहुंचे। यहां पर मेला कमेटी ने देव का स्वागत किया। यहां पर कई देवताओं ने देव पराशर ऋषि से मिलन किया और फेरी ली। इसके बाद देव पराशर ने राजदेवता माधोराय के मंदिर में हाजिरी भरी। ठीक तीन बजे देव राजदरबार में हाजिरी भरने पहुंचे।
साथ-साथ पहुंचे सराज और चौहार के देवता
सवा चार बजे के करीब चौहारघाटी के देवता राज दरबार में पहुंच गए। बड़ादेयो हुरंग नारायण ने दरबार में चौहरक्षेत्र के देवताओं की अगुवानी की। वहीं, चौहार के देवताओं के हाजिरी भरने के तुरंत बाद सिराज क्षेत्र में देवता देव मगरू महादेव, देव चपलांदू नाग दरबार में हाजिरी भरने पहुंचे।