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पेयजल पाइप जमे; बिजली गुल, यातायात ठप

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जंजैहली के ढीमकटारू में नल से टपकता जमा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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मंडी/बरोट/बालीचौकी (मंडी)। जिले की ऊपरी चोटियों पर बुधवार को भी रुक-रुक कर बर्फबारी और बारिश का क्रम जारी रहा। कमरूघाटी और शिकारीदेवी की ऊंची चोटियों पर सर्वाधिक बर्फबारी हुई। जबकि, करसोग, बरोट, चौहरघाटी में की ऊपरी चोटियां भी बर्फबारी से लकदक हो गईं। पारा जमाव बिंदु से नीचे चले जाने से पेयजल पाइप जमने और बिजली गुल होने से लोगों को खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। जबकि, मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश से शीतलहर का प्रकोप जारी है। वहीं, गोहर, बालीचौकी क्षेत्र में बिजली गुल होने से लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। बरोट क्षेत्र में बरोट-म्योट, बरोट-मढ़, बरोट-कोठीकोढ़ सड़कें बाधित हो गई हैं। इन सड़कों पर निगम और निजी बसों की बस सुविधा ठप पड़ गई है। जबकि, छोटे वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे क्षेत्र की दर्जन भर पंचायतों के लोगों को जेब ढीली कर छोटे वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। बालीचौकी क्षेत्र के सोमगाड़, धनोट, कटुरनी, डीडर, शाटाधार, चुंजबाला में फिर से बुधवार को ताजा हिमपात हुआ है। यहां पर पानी भी जीरो डिग्री में जम गया है। पाइप जमने के कारण बिजली के साथ पेयजल दिक्कतें भी क्षेत्र में लोगों को हो रही है। बर्फबारी और ठंड के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बर्फबारी और बारिश से बंपर फसल की उम्मीद
गोहर (मंडी)। लंबे सूखे के बाद हुई बारिश और बर्फबारी से सेब बागवानों को बंपर फसल की उम्मीद बंधी है। बगीचों में नमी के साथ चिलिंग आवर्स शुरू होने से निकट भविष्य में सेब का उत्पादन भी अच्छा हो सकता है। आने वाले नए साल में सेब की अच्छी फ्लावरिंग की उम्मीद जताई जा रही है, तो वहीं सूखे से जूझ रहे मंडी जिले के हजारों किसानों पर राहत की फुहारें बरसी हैं। बागवानों के साथ किसानों के चेहरों पर भी रौनक छा गई है। किसानों ने गेहूं की बिजाई का काम शुरू कर दिया है। कमरूघाटी, जंजैहली घाटी और एप्पल वैली करसोग के हजारों सेब बगीचों में बर्फ पड़ने से वूली एफिड का प्रकोप भी कम हो गया है। सेब पौधों को लगने वाली बीमारियों से बागवानों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का क्रम निरंतर जारी है। धार्मिक स्थलों शिकारी देवी और कमरूनाग में भारी बर्फबारी होने की सूचना है।
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शिकारीदेवी और कमरूनाग में सबसे अधिक बर्फबारी
प्रशासन के अनुसान शिकारी देवी में 90 सेंटीमीटर और कमरूनाग में 60 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। पहाड़ों में बर्फबारी से समूचा मंडी जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। लोग घरों में दुबक गए हैं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोनिवि ने बर्फबारी से निपटने के लिए सड़कों पर जेसीबी मशीनें और अपने मजदूर तैनात कर दिए हैं। आईपीएच महकमा और विद्युत बोर्ड बर्फबारी को लेकर सतर्क हो गया है।
रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों का खतरा
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से जंगली जीव जंतु रिहायशी इलाकों के करीब पहुंचना शुरू हो गए हैं। जानवरों ने बर्फ से बचने के लिए मैदानी इलाकों की ओर कूच करना शुरू कर दिया है। कमरूघाटी में तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर और ककड़ रिहायशी इलाकों के नजदीक दिख रहे हैं।
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कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट 4 माह के लिए बंद
जनपद के बड़ा देव कमरूनाग और शिकारी देवी के मंदिर कपाट आगामी चार माह के लिए बंद कर दिए गए हैं। पर्यटकों और श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश निषेध कर दिया गया है। बर्फबारी के चलते स्थानीय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
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