मंडी। जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त मंडी मदन लाल चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया में वेबपेज बनाकर, फेसबुक पेज या अन्य संबंधित माध्यम में चुनावी प्रचार सामग्री डालने वालों के खर्चों पर भी नजर रहेगी। चुनाव आयोग ने शिमला में एक स्पेशल विंग इस तरह के प्रचार की निगरानी के लिए रखा है। इन माध्यमों में चलने वाले विज्ञापनों को भी प्रत्याशी के खर्चों में जोड़ा जएगा। उन्होंने पेड न्यूज से बचने का आह्वान किया। कहा कि चुनावों के दौरान राजनीतिक पार्टी और प्रत्याशियों के हर खर्चे पर नजर रहेगी। इसके लिए सर्विलेंस टीमों का गठन कर लिया गया है। वह मंडी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले में दस विधानसभा क्षेत्रों में 108 सेक्टर ऑफिसर और 31 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। चुनावों के खर्चे का निरीक्षण करने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी कमेटियां तैयार कर दी हैं। हर विधानसभा में हो रहे खर्चे पर नजर है। उन्होंने लोगों से चुनावी आचार संहिता में जरूरत से अधिक कैश न ले जाने की अपील की है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 50 हजार से अधिक कैश ही आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान लिया जा सकता है। इससे अधिक कैश के पकड़े जाने पर कैश का सोर्स यानी दस्तावेज बताने होंगे।
इन नंबरों पर करें शिकायत
चुनाव आयोग की अवहेलना की किसी तरह की शिकायत के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर जारी कर दिए हैं। 01905227802, 01905227803, 01905227804, 01905227805 पर शिकायत की जा सकती है। इसके लिए पब्लिक रिड्रेस ग्रीवियेंस सिस्टम के तहत 1950 नंबर पर सीधे शिकायत की जा सकती है।
ऑनलाइन पेमेंट होगी अनिवार्य
प्रत्याशियों को चुनावी खर्चे का हर भुगतान ऑनलाइन करना होगा। अधिकारियों से लेकर गाड़ियों के मालिक, वेंडर और सभी प्रकार के खर्चों को ई-पेमेंट के सहारे ही प्रत्याशी कर सकेंगे। इसके अलावा जो भी गाड़ियां प्रत्याशी प्रचार व चुनावी प्रक्रिया के लिए लेंगे, उसके मालिक, फोन नंबर और बैंक डिटेल का ब्योरा भी देना होगा।
4868 दिव्यांगों के लिए 175 पोलिंग बूथों पर व्हील चेयर
जिला में कुल साढ़े सात लाख वोटरों में से 4686 दिव्यांग वोटर चयनित किए गए हैं। इनके लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। मतदान केंद्रों में 175 व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है। इसके लिए निजी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी वालंटियर के रूप में चुनावी प्रक्रिया में मदद करने का आह्वान किया गया है। 4123 सर्विस वोटर भी दर्ज किए गए हैं।
1091 पोलिंग स्टेशन में यह काम पूरे
जिला प्रशासन ने 1091 पोलिंग स्टेशन की फिजिकल वेरिफिकेशन कर ली है। पीने के पानी, शेड और शौचालय की व्यवस्था कर दी गई है। हर पोलिंग स्टेशन धरातल पर ही रखा गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो पोलिंग स्टेशन में महिलाओं द्वारा ही क्रियान्वित किए जाएंगे। जबकि 450 पोलिंग स्टेशन की वेबकास्टिंग हो चुकी है। इसके अलावा हर पोलिंग बूथ पर वोटर असिस्टेंस होगा। प्रत्येक पोलिंग स्टेशन या तो वीडियोग्राफी, वेबकास्टिंग, माइक्रो आब्जर्वर या सीपीएफ से लैस होगा।
स्टोरी टू
मनमर्जी से नहीं लगेगी चुनावी ड्यूटी
जिला में साढ़े पांच हजार कर्मचारी निपटाएंगे चुनाव
सॉफ्टवेयर से तैयार होगी अंतिम सूची
साढ़े सात हजार नाम सूची में शामिल
प्रत्येक विस क्षेत्र को पांच वीवीपैट
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। विधानसभा चुनावों में अपनी सहूलियत से ड्यूटी लगाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को इस बार मायूसी हाथ लगेगी। साफ्टवेयर के माध्यम से स्वत: ड्यूटियां फाइनल होंगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने करीब साढ़े सात हजार अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची तैयार की है। करीब साढ़े पांच हजार के नाम साफ्टवेयर स्वत: फाइनल करेगा। इसकी पुष्टि जिला निर्वाचन अधिकारी ने की है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच वीवीपैट मशीनें दे दी गई हैं। इनवोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट व्यवस्था के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद कागज की एक पर्ची बनती है। इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। यह व्यवस्था इसलिए है कि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ पर्ची का मिलान किया जा सके। ईवीएम में लगे शीशे के एक स्क्रीन पर यह पर्ची सात सेकेंड तक दिखती है।