नगर परिषद मंडी ने गृहकर को आधा प्रतिशत कम कर शहरियों को राहत प्रदान की है। गत वर्ष जहां नप मंडी शहर में साढ़े बारह फीसदी की दर से गृहकर कर वसूल रही थी। वहीं, इस वर्ष नप में 12 फीसदी की दर से गृहकर वसूलने का निर्णय लिया है।
हालांकि, 100 वर्ग मीटर तक की गृहकर की छूट को इस बार खत्म कर दिया गया है। अब नप हर गृह मालिक से गृहकर वसूलेगी। शनिवार को नप की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। नप में गत 12 वर्षो में संपत्ति 50 से 60 फीसद बढ़ गई है। वर्तमान में नप दो करोड़ के लगभग गृहकर तथा अन्य संपत्तियों पर आय वसूल रही है। संपत्तियों में वृद्धि से अब यह आय दोगुना होने का अनुमान है। नप मंडी सूबे में पहली ऐसी नप बन गई है, जिसमें गृहकर का निर्धारण यूनिट एरिया के हिसाब से जीपीएस सर्वे से किया है तथा गृह कर में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की है। नई जीपीएस पद्धति के तहत पूरे शहर को चार श्रेणियों ए, बी, सी, डी में विभाजित किया गया है। नगर परिषद में 2005 में 3500 प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में थी, यह अब बढ़कर 7816 हो गई है। वर्तमान में ए श्रेणी में 412, बी श्रेणी में 1188, सी श्रेणी में 5921 व डी श्रेणी में 112 प्रॉपर्टी शामिल है।
जीपीएस पद्धति के तहत अब शहरी देश के किसी भी कोने में रह कर इंटरनेट पर वार्ड का नंबर व मकान की आईडी पर ऑनलाइन गृहकर की जानकारी मोबाइल पर ले सकेगा। नगर परिषद अध्यक्षा नीलम शर्मा ने बताया कि नगर परिषद की बैठक शनिवार को कार्यालय में हुई। जिसमें इस गृहकर सर्वे को मंजूरी प्रदान कर दी गई। यह सर्वे नगर परिषद ने नोएडा की जीआईएस कंसोरटियम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से करवाया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में विभिन्न विभागों से आए पत्रों पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा विभिन्न भवन निर्माण चित्र पास किए गए। इस बैठक में पार्षद अलकनंदा हांडा ,वीरेंद्र शर्मा, सिमरनजीत कौर, सुमन ठाकुर, पुष्पराज कात्यायन, जितेंद्र शर्मा, माधुरी कपूर, निर्मला शर्मा, उर्मिला शर्मा, बंसी लाल, विशाल ठाकुर, पुष्पराज शर्मा, कंवलजीत कौर व पीसी विष्ट ने हिस्सा लिया।