पधर (मंडी)। पांच वर्ष के बाद पिछले दो महीने से हार भ्रमण पर निकले हस्तपुर चौहारघाटी के बड़ादेव हुरंग नारायण शनिवार को अपने मूल स्थान भड़ा रा गवाहन गांव में पहुंचे। कारदारों संग गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने देव हुरंग नारायण का भव्य से स्वागत किया। इससे पूर्व देव हुरंग नारायण सिंगारी गांव में अपने पुरोहित देव राम पाल ब्रह्मा के मंदिर में रुके। गांव पहुंचने पर हुरंग नारायण के गूरों ने देव खेल लिए। पूरे गांव की परिक्रमा करने के बाद देव हुरंग नारायण गवाहन गांव में अपने प्राचीन भंडार में रुके। शाम होते ही देव हुरंग नारायण प्राचीन बणी की परिक्रमा करते हुए जातर स्थल पहुंचे। जहां देव हुरंग के गुरों ने देव खेल के साथ देव हुरंग नारायण की जातर उत्सव की रस्म को निभाया। काफी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने जातर मेले में आकर देव हुरंग नारायण से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान लोगों ने देव हुरंग नारायण से बारिश के लिए पुन: गुहार लगाई। रविवार को देव हुरंग नारायण गवाहन मंदिर में हारका प्रथा को अंजाम देंगे।
इस दौरान देव अपने गूरों के माध्यम से हार भ्रमण का पूरा ब्योरा रखेंगे। रविवार को देव नारायण के सामने आपसी समझौतों को लेकर देव अदालत लगाई जाएगी। देव अदालत में लोगों के आपसी विवादों को सुलझाया जाएगा। देव हुरंग नारायण पांच वर्ष के उपरांत हार भ्रमण पर हैं। देव हुरंग नारायण की यह सबसे बड़ी हार है। इस दौरान देव हुरंग को समर्पित अनेकों जातर मेलों का आयोजन होता है। अपने मूल स्थल पहुंचने के बाद देव हुरंग नारायण वापस अपने मंदिर को रवाना होंगे। इस दौरान 10 से 15 दिन देव हुरंग नारायण हार भ्रमण कार्यक्रम पर रहेंगे। चौहारघाटी में अपने मंदिर पहुंचने के बाद देव नारायण अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले में भाग लेने निकलेंगे। देव हुरंग नारायण हार कार्यक्रम से सीधे शिवरात्रि उत्सव में नहीं जाएंगे। देवता ने आदेश दिए हैं कि वह पहले अपने मंदिर पहुंचेंगे। जहां हार कार्यक्रम का देवता के कारदार लेखा जोखा करेंगे। देव आदेशों के चलते हार कार्यक्रम की पूरी प्रक्रिया पारंपरिक तरीके से निभाई जाएगी। देवता के पुजारी ईश्वर दास, गूर राजू ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों के भीतर देव हुरंग नारायण का हार कार्यक्रम संपन्न हो जाएगा।