जंजैहली (मंडी)। सीएम के गृहक्षेत्र सराज में विरोध और आंदोलन के सुर उठना शुरू हो गए हैं। यहां पर प्रदर्शन की चिंगारी फिर सुलग सकती है। अभी तक सराज संघर्ष समिति पर चल रहे मुकदमे प्रदेश सरकार ने वापस नहीं लिए हैं। जिससे उखड़े प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार को केस वापस लेने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। समिति ने चेताया है कि यदि 15 दिन के भीतर केस वापस न लिए गए तो फिर वह सड़कों पर उतरेंगे।
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि सीएम जयराम ठाकुर ने एसडीएम विवाद को शांत करने के लिए सराज संघर्ष समिति पर चल रहे केस वापस लेने का वादा किया था। लेकिन, यह वायदा सरकार ने अभी तक पूरा नहीं किया है। इस सिलसिले में सराज संघर्ष समिति की बैठक रविवार को संयोजक जगदीश रेड्डी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक मेें इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया गया कि एसडीएम कार्यालय के विवाद को शांत करने के लिए समिति से सरकार ने कुछ वायदे किए गए थे लेकिन, इतने दिन बीच जाने के बाद भी सरकार की ओर से इन वायदों पर कोई विचार नहीं किया गया है। संयोजक ने कहा कि सीएम जय राम ठाकुर ने सराज संघर्ष समिति के साथ वायदा किया था कि समिति पर जितने भी मुकदमे दर्ज किए गए थे उन्हें वापस लिया जाएगा परंतु अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। जबकि सराज संघर्ष समिति के ऊपर तीन-तीन केस चल रहे हैं। सभी सदस्यों ने इस मौके पर निर्णय लिया कि इस बारे में अंतिम पत्र मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजा जाएगा और उनसे मुकदमे वापस लेने की मांग की जाएगी। अगर 15 दिनों के भीतर मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो फिर संघर्ष समिति आंदोलन का रुख अपनाएगी। बैठक में न्यायालय में चल रही पुनर्विचार याचिका के संदर्भ मेें भी चर्चा की गई। इस मौके पर सुरेश कुमार, नरोत्तम राम, वेद प्रकाश शर्मा, शिव राम भादर सिंह आदि ने भाग लिया।