धर्मपुर (मंडी)। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब पंचायत समिति धर्मपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की भी छुट्टी हो गई है। पंचायत समिति सदस्यों ने अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है। इसके बाद दोनों को पद से हटा दिया गया है। करीब एक सप्ताह के भीतर पंचायत समिति को नए चेहरे मिलेंगे। वहीं इससे पहले मंडी और सुंदरनगर नगर परिषदों में भी तख्ता पलट हो चुका है। दोनों परिषदों में भाजपा ने परचम लहरा दिया है। जबकि पंचायत समिति गोहर में भी तख्तापलट हो चुका है।
वहीं धर्मपुर में बीडीसी सदस्यों ने जिला पंचायत अधिकारी मंडी और जिलाधीश मंडी को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। वीरवार को जिला पंचायत अधिकारी मंडी गिरीश समरा की अध्यक्षता में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस दौरान बीडीओ धर्मपुर गुनजीत सिंह चीमा भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि सबसे पहले इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई और बाद में वोटिंग की गई। पंचायती राज अधिनियम के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव के लिए 51 प्रतिशत सदस्यों का होना जरूरी है। वोटिंग में वर्तमान अध्यक्ष के खिलाफ 21 में से 18 मत तथा उपाध्यक्ष के विरुद्ध 21 में से 16 मत पड़े। गौर हो कि धर्मपुर पंचायत समिति में कुल 22 सदस्य हैं। वर्तमान अध्यक्ष कुलदीप चंबयाल इस बैठक से नदारद रहे। यह बात स्पष्ट है कि अब धर्मपुर पंचायत समिति में भाजपा समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनेंगे और यह प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी। जिला पंचायत अधिकारी गिरीश समरा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि धर्मपुर पंचायत समिति के सदस्यों ने जो अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था वह पारित हो गया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को उनके पदों से मुक्त कर दिया गया है और अब एक सप्ताह के भीतर चुनावी प्रक्रिया पूरी करके नए अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव करवाया जाएगा। इसके लिए सभी सदस्यों को नोटिस के माध्यम से चुनावों की तिथि के बारे में अवगत करवा दिया जाएगा।