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सत्रह मकान मालिकों को नोटिस, कटेंगे पानी के कनेक्शन

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अमर उजाला ब्यूरो
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रिवालसर (मंडी)। प्रसिद्ध पर्यटन नगरी रिवालसर में सीवरेज की गंदगी फैलाकर आबोहवा को खराब करने के साथ सुंदरता में ग्रहण लगाने वालों पर नगर पंचायत ने शिकंजा कस दिया है। वार्ड नंबर दो, पांच और छह के 17 परिवारों को खुले में सीवरेज की गंदगी फैलाने पर नोटिस जारी किया गया है। साथ ही तीन दिनों के भीतर पक्ष रखने को भी कहा है। यदि पक्ष संतोषजनक नहीं पाया गया तो पानी के कनेक्शन काटने की सिफारिश हो सकती है। उधर, नोटिस की कार्रवाई से मकान मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। रिवालसर सिख, बौद्ध और हिंदू धर्मों की त्रिवेणी के नाम से भी मशहूर हैं। यहां की झील देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है लेकिन गंदगी के कारण अब इस पर्यटन स्थल का नाम धूमिल होने लगा है। लिहाजा, नगर पंचायत ने गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती बरत दी है। स्थानीय लोगों की शिकायतों को आधार बनाकर नगर पंचायत ने मामले की जांच की। इस दौरान संबंधित वार्डाें का जायजा लिया गया। यहां पाया गया कि वहां सेप्टिक टैंक नहीं हैं। निजी सीवरेज की पाइपें लीक होकर गंदगी फैला रही हैं। इस पर कार्रवाई की जा रही है।
पवित्र झील हो रही दूषित
लोगों में जागरूकता की कमी और प्रशासन की अनदेखी के चलते वर्तमान में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अपने अस्तित्व की जंग लड़ रहा है। वेदों के महान लोमस ऋषि, बौद्ध धर्म के प्रसिद्ध तांत्रिक पदम संभव और सिखों के दसवें गुरू श्री गुरू गोविंद सिंह के प्राचीन इतिहास से जुड़ी इस झील को तीन धर्मों का संगम माना जाता है, लेकिन यहां प्रदूषण हावी है। हर साल यहां मछलियां मर रही हैं। अप्रैल 2016 में भी मछलियां मरने के मामले ने तूल पकड़ा। प्रशासन की ओर से मामले को शांत करने के लिए कई खाके बुने गए लेकिन वह जमीनी हकीकत में अधूरे रहे। अब यदि नगर पंचायत सख्ती करती है तो इस पवित्र स्थल को बचाया जा सकेगा।
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2009 से चल रही सीवरेज लाइन बिछाने की कवायद
सरकारों और प्रशासन की अनदेखी का ही उदाहरण है कि धार्मिक स्थल रिवालसर अभी तक सीवरेज सुविधा से नहीं जुड़ सका है। 2009 से यहां सीवरेज व्यवस्था की कवायद छेड़ी हुई है। 2011 में भाजपा सरकार ने 16 करोड़ का सीवरेज प्लान भी तैयार किया, जिसे अब जाकर अमलीजामा पहनाया जाने लगा है। डेढ़ करोड़ से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य चल रहा है।
पूरी पंचायत में होगी भवनों की जांच : लाभ सिंह
नगर पंचायत रिवालसर के अध्यक्ष लाभ सिंह ठाकुर ने नोटिस जारी करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सीवरेज की गंदगी खुले में बहाने पर नगर पंचायत द्वारा सत्रह परिवारों को नोटिस जारी किए हैं। तीन दिन के भीतर यदि जवाब असंतुष्ट आया तो आगामी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में पानी के कनेक्शन काटने की सिफारिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पूरी पंचायत में ऐसे भवन चिन्हित किए जाएंगे, जिनमें गंदगी ठिकाने लगाने का प्रावधान नहीं है। उन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।
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आईपीएच भी करेगा कार्रवाई
सहायक अभियंता आईपीएच रघु राम का कहना है शिकायत विभाग को भी मिली है। अपने स्तर पर विभाग ऐसे मामले चिन्हित करेगा और विभाग कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य शुरू कर दिया गया है। डेढ़ करोड़ से इसका निर्माण किया जा रहा है। सीवरेज बिछाने के कार्य को तरजीह दी जाएगी।
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