चैलचौक (मंडी)। सुकेत सर्व देवता कमेटी की ओर से कमरूनाग मंदिर कमेटी रोहांडा और दो अन्य देव कमेटियों के कारदारों को नोटिस जारी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कमरूनाग देवता कमेटी रोहांडा ने सुकेत सर्व देवता कमेटी के नोटिस जारी करने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मंडी देवता कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जिले के सभी देवताओं की संयुक्त स्मारिका प्रकाशित की जाएगी। जिस पर सभी देवता कमेटियों की सहमति जरूरी है। इसी को देखते हुए मंडी देवता कमेटी की बैठक में देव कमरूनाग रोहांडा के सचिव दुनी चंद ठाकुर, देव बालाटिका मानगढ़ के सचिव ललित कुमार तथा देव माहूंनाग जैदेवी के विशेष कारदार अमर सिंह भाग लेने गए हुए थे। सचिव ने बताया कि सुकेत सर्व देवता कमेटी इस मामले को बेवजह तूल दे रही है। विवाद जैसी इसमें कोई बात नहीं है। मंडी जिला के समस्त देवताओं की स्मारिका प्रकाशित करना कोई बुरी बात नहीं है। सुकेत के देवताओं को मंडी शिवरात्रि ले जाने की उन्होंने कोई बात नहीं की है तथा इस प्रकार की उनके मन में कोई मंशा भी नहीं है। कमरूनाग रोहांडा के सचिव ने कहा है कि मामले को तूल देने से पहले सर्व देवता कमेटी सुकेत सच्चाई को पहचाने। जिसके बाद ही कोई टिप्पणी की जाए। स्मारिका प्रकाशित करने को लेकर ही मंडी देवता कमेटी ने यह बैठक रखी थी।
यह है मामला
सुकेत सर्व देवता कमेटी का आरोप है कि शिवरात्रि के मेले में कभी भी सुकेत के देवताओं को आमंत्रित नहीं किया जाता। जबकि इस मेले में पूरे जिला के देवी देवता शिरकत करते हैं। जबकि, सुकेत में आयोजित कई मेलों में मंडी के देवता भी आते हैं। हाल ही में आयोजित बैठक में सुकेत की तीन देव कमेटियों के पदाधिकारी शामिल हुए। इस बैठक का सुकेत सर्व देवता कारगार समिति ने यह कहकर बहिष्कार किया था कि पहले मंडी में आयोजित मेलों में आने का अधिकार प्रदान किया जाए। इसके बावजूद तीन कमेटियों के पदाधिकारियों ने शिरकत की। जिसके बाद इन्हें नोटिस जारी किया गया।