पधर (मंडी)। मंडी जोगिंद्रनगर एनएच 154 को कोटरोपी से पांच दिन के भीतर बहाल करने की प्रशासन की तय समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गई है, लेकिन मार्ग बहाल नहीं हो सका है। कोटरोपी के पास पहाड़ी दरकने से पिछले नौ दिनों से बंद पड़े हाईवे को बहाल करने में प्रशासन नाकाम रहा है। हालांकि, हाईवे को बहाल करने की कोशिशें निरंतर जारी है, बावजूद उसके अभी कुछ दिन और हाईवे को बहाल करने में लग सकते हैं। 17 अगस्त को आपदा प्रबंधन को लेकर मुख्य सचिव वीसी फारका की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला प्रशासन ने पांच दिन के भीतर हाईवे को बहाल करने का दावा किया था, जिसकी सोमवार को डेड लाइन समाप्त हो गई। उधर कोटरोपी में घटनास्थल पर सोमवार को नौवें दिन भी सर्च ऑपरेशन दिन भर जारी रहा। एक मात्र अध्यापक प्रेम सिंह को ढूंढने में निराशा ही हाथ लगी। ऐसे में जोगिंद्रनगर की पिपली पंचायत के बडू गांव निवासी प्रेम सिंह के परिजनों को नौवें दिन भी मायूस हो कर वापिस घर लौटना पड़ा। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार पधर ज्ञान चंद ठाकुर, एसएचओ पधर प्रीतम सिंह जरियाल, लोक निर्माण विभाग एनएच अधिशासी अभियंता जोगिंदरनगर अनिल संग्राय, सुमन सूद विभागीय कर्मियों सहित मोर्चे पर डटे हैं।
घटनास्थल पर अभी भी चार बड़ी पोकलेन मशीनें, तीन बुल्डोजर और एक जेसीबी मशीन तैनात की गई है। सोमवार को दो पोकलेन मशीनें मलबे में दबे शव की तलाश में जुटी रही।
रविवार को पहाड़ी के नीचे की आधी तलाई खाली की गई। जो आधी शेष बची थी उसे सोमवार को फिर खाली खाली किया गया। कोटरोपी पहाड़ी के मलबे में दबे पुल के स्थान पर नेशनल हाईवे अथारिटी पाइप डाल कर नीचे को नाला बना रहा है, जिससे पहाड़ी के नीचे के पानी का बहाव सुरक्षित दिशा में हो सके। नेशनल हाईवे अथारिटी का दावा है कि एक दो दिनों के भीतर हाईवे को बहाल कर दिया जाएगा। उधर, तलाई के पानी को छोड़ने से नीचे पंदलाही गांव के ग्रामीण सहमे हैं।
उरला में पिछले 15 दिनों से नहीं आ रही गैस की सप्लाई
पधर (मंडी)। उरला में 15 दिनों से गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है। यहां सप्लाई पधर गोदाम से होती है। कोटरोपी के पास हाईवे बंद होने से विभाग सप्लाई नहीं कर रहा है। पधर स्थित खाद्य आपूर्ति निगम की गैस एजेंसी वैकल्पिक मार्ग से गैस की सप्लाई कर सकती है, मगर इस दिशा में कारगर कदम नहीं उठाए गए। उपभोक्ता कृष्ण कुमार, देश राज, मोहन सिंह, टेक सिंह, हितेंद्र चंदेल, पूर्ण चंद, घनश्याम, जमना दास, मनसा राम, दीवान चंद, जीवन लाल, रोशन लाल, राम सिंह, नौखू राम, नरेंद्र कुमार, भूप सिंह धरवाल ने बताया कि गैस की आपूर्ति न होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी हो गई है। कोटरोपी त्रासदी में भोजन की व्यवस्था भी इससे प्रभावित हो सकती है। स्थानीय महिला मंडल सदस्यों ने खाद्य आपूर्ति गैस एजेंसी पधर से आपूर्ति को बहाल करने की मांग की है।