फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार! भूखे पेट कैसे मिल्खा सिंह और सचिन बनेंगे खिलाड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
बलद्वाड़ा (मंडी)। जहां एक तरफ सरकार खेलों को बढ़ावा देने का दावा कर रही है वहीं, खिलाड़ियों की एक दिन की डाइट का खर्च इतना कम मिल रहा है कि महंगाई के दौर में इस डाइट मनी से खिलाड़ियों का पेट भरना मुश्किल है। जब खिलाड़ियों को भर पेट खाना ही नहीं मिलेगा तो ऐसे में खेल के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे कैसे बढ़ेंगे। भूखे पेट आखिर कैसे खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास संभव है। अभिभावकों का सरकार से सवाल है कि आखिर कैसे 60 रुपये में रोजाना डाइट से मिल्खा सिंह और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी निकल पाएंगे। खंडस्तरीय और जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान एक खिलाड़ी को सरकार की ओर से एक दिन की डाइट मनी का खर्च साठ रुपये मिलता है। इन पैसों से ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का प्रबंध करना होता है। इस महंगाई के दौर में इन पैसों से सिर्फ ब्रेकफास्ट ही हो पाएगा। जहां पर इन खेलों का आयोजन होता है, यदि वहां स्थानीय जनता का सहयोग न मिले तो इन खेलों का आयोजन करवाना सरकार और विभाग के लिए मुश्किल हो जाएगा। उधर, उपशिक्षा निदेशक मंडी उच्च शिक्षा अशोक शर्मा के अनुसार खेलकूद प्रतियोगिता के समय मिलने वाली डाइट के पैसे सरकार फिक्स करती है। डाइट के पैसे बढ़ाने के लिए सरकार को प्रपोजल भेजी जाएगी।
विज्ञापन

200 रुपये डाइट मनी करे सरकार
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समैला के एसएमसी प्रधान जोगिंद्र सिंह, भांबला के प्रधान कश्मीर सिंह, त्रिफालघाट के प्रधान चमन लाल, टिक्करी सध्वाणी के प्रधान विद्या सागर, चौक के प्रधान प्रदीप कुमार सहित अन्य प्रधानों ने सरकार से बच्चों को मिलने वाली एक दिन की डाइट का खर्च 60 रुपये से बढ़ा कर दो सौ रुपये करने की मांग की है। इतने कम पैसों में बच्चों को डाइट मिलना मुश्किल होता है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें