मंडी। नप मंडी के नए कार्यालय भवन के निर्माण को अब कैबिनेट की मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी। भवन निर्माण की प्रपोजल और नक्शे में बदलाव से अब कैबिनेट मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। लंबे अरसे से भवन के निर्माण को लेकर पेच फंसा हुआ है। दरअसल, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नप मंडी ने एसबीआई बैंक और सार्वजनिक शौचालय की जमीन को भवन के नक्शे में शामिल कर दिया था। लेकिन, यह जमीन नप मंडी के नाम पर नहीं थी। अधिक औपचारिकताओं के चलते अब भवन के जल्द निर्माण के लिए नप मंडी ने इसमें संशोधन कर दिया है। जिससे अब निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। नगर परिषद के भवन निर्माण के लिए करोड़ों की राशि खाते में पड़ी है। संशोधित प्रपोजल को शहरी विभाग निदेशालय से मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में नप मंडी का कार्यालय टाउन हाल में चल रहा है।
660 वर्ग मीटर में नहीं, 397 वर्ग मीटर में बनेगा भवन
नप मंडी ने एसबीआई बैंक, सार्वजनिक शौचालय के साथ लगती जमीन को भी अपनी प्रपोजल में शामिल कर लिया था। इसमें कुल 660 वर्ग मीटर एरिया था। जबकि, नप का पुराना भवन 397 वर्ग मीटर के एरिया में बना था। नप ने विस्तृत योजना तैयार कर कामर्शियल भवन बनाने से कमाई की योजना तैयार की थी। लेकिन, औपचारिकताएं पूरा न होने से निदेशालय के निर्देशों पर इसे नप ने बदल दिया।
पांच मंजिला भवन में पार्किंग, कार्यालय, कामर्शियल भवन का होगा निर्माण
नप के नए पांच मंजिला भवन में पार्किंग, कार्मशियल और कार्यलय का निर्माण होगा। नप मंडी की अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने कहा कि नए भवन के निर्माण के लिए संशोधित प्रपोजल निदेशालय को भेजी गई है। इससे अब कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत नहीं है। जल्द ही स्वीकृति मिलने के बाद नप के नए भवन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।