सीएम ने देव कोठियों में चढ़ाए कृतज्ञता के फूल
देव कोठियों में मन्नत को पूरा कर लौटे मुख्यमंत्री
सिराज क्षेत्र को कहा जाता है देव संस्कृति का आइना
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी/जंजैहली। सीएम बनने की आस बंधने और टूटने के दौर में ठाकुर जयराम आला कमान के साथ-साथ स्थानीय देवताओं की शरण में भी रहे। मन की मुराद पूरी करने के लिए सिराज घाटी में देवों से मन्नत मांगने की प्राचीन अस्मिता को परिजनों ने पूरे विश्वास के साथ निभाया। सीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए जप-तप का भी सहारा लिया गया। अब सीएम बनने के बाद गृह विस क्षेत्र के दौरे के दूसरे दिन उन्होंने हर मान्यता हर मन्नत को पूरा करते हुए देव कोठियों में कृतज्ञता के फूल चढ़ाए।
सूबे की सांस्कृतिक राजधानी छोटी काशी मंडी के सिराज क्षेत्र को देव संस्कृति का आइना कहा जा सकता है। सीएम जयराम ठाकुर जब गृह हलके सिराज में पहुंचे तो उन्होंने दो दिन के दौरे के दौरान ऐसा कोई बड़ा मंदिर सिराज का नहीं बचा, जहां से सीएम का काफिला गुजरा और सीएम ने शीश न नवाया हो। सोमवार को सुबह कुलदेवी माता शिकारी जोगणी, माता बगलामुखी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम जयराम ठाकुर देव बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा क्षेत्र के सात हारों के देवता के दर्शन को पहुंचे। सीएम जयराम ठाकुर कोई भी नया कार्य करने से पहले देव के पास आशीर्वाद लेने जरूर पहुंचते हैं।
कागज और पैसे निकालकर सीएम के हाथ में थमा दिए
सीएम बनने के बाद सीएम जयराम ठाकुर जब देव कोठी शिकावरी में पहुंचे तो उनकी पत्नी डॉ. साधना ठाकुर ने अपनी जेब से मन्नत (बांधा) का कागज और पैसे निकालकर सीएम के हाथ में थमा दिए। कागज में चावल के दाने और पैसे थे। सीएम ने इस मन्नत रूपी बांधे को देव के चरणों में अर्पित किया।
शुभ संकेत मिलने पर जयकारों से गूंजी कोठी
देवता के पुजारी ने उन्हें चावल के दाने के रूप में पूछ डाली तो पहली बार में ही चावल के 5 दाने मुख्यमंत्री के हाथ में आए। शुभ संकेत मिलते ही देव के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। इसके बाद देव के पुजारी ने परिवार के अन्य सदस्यों को टीका और चावल के दाने के रूप में देवता से आशीर्वाद दिया।
सीएम के गले लग फूट-फूट कर रोए पुजारी, सीएम भी हुए भावुक
करीब 10 बजकर 2 मिनट पर जैसे ही मुख्यमंत्री देव मतलोड़ा की कोठी में देवता के पास पहुंचे देवता के पुुजारी माल दास के पांव छूते ही पुजारी ने मुख्यमंत्री को गले लगाया और फूट-फूट कर रोने लगे। मुख्यमंत्री की आंखों से भी आंसू निकल पड़े। उनके साथ आए सहपाठी कमल राणा ने मुख्यमंत्री को संभाला। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पूजा अर्चना की और अपने कुल देव विष्णु मतलोड़ा से आशीर्वाद लिया।