जंजैहली (मंडी)। विधानसभा क्षेत्र सराज के अधिकतर स्कूलों में बुधवार को स्कूली बच्चे महज मिड-डे मील खाकर ही घर लौट गए। अधिकतर स्कूलों में बुधवार को पढ़ाई नहीं हो सकी। यह स्कूल शिक्षक नहीं बल्कि जलवाहकों के हवाले रहे। चुनाव आयोग के पहले अभ्यास वर्ग के कारण इन स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई थी। जिसके चलते स्कूलों में शिक्षकों की कमी से सराज क्षेत्र में बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। सराज में अधिकतर स्कूल शीतकालीन हैं। यहां पर परीक्षाएं बच्चों के सिर पर हैं। ऐसे में शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी के कारण यहां पर स्कूल खाली हो गए हैं। अधिकतर पाठशालाएं महज एक-एक शिक्षक के सहारे हैं। बुधवार को सराज के अधिकतर स्कूलों के अध्यापकों की चुनावी ड्यूटी लगने के कारण सिराज के 60 फीसदी स्कूल एक अध्यापक तो 40 फीसदी स्कूलों में एक भी शिक्षक तैनात नहीं था। क्षेत्र के थाच बहली, केउली, करसौली, लंबाथाच समेत कई स्कूलों में तो बच्चे महज मिड-डे मील का खाना खाकर घर लौट गए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थुनाग में महज दो ही शिक्षक तैनात रहे। यहां पर 12 में से 10 शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी लगी है।
92 स्कूलों में से 52 चुनावी रिर्हसल में ही खाली
सिराज विस क्षेत्र के 92 प्राइमरी स्कूलों में से 52 प्राइमरी स्कूल चुनाव आयोग के पहले अभ्यास वर्ग में ही खाली हो गए। यहां पर बच्चे महज मिड-डे मील खाकर घर लौट गए। यह स्कूल वाटर कैरियर के हवाले रहे।
उधर, सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम जंजैहली अश्वनी कुमार ने कहा कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से चुनावी ड्यूटी लगी है। बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर न पड़े, इसका ध्यान रखा जाएगा।