नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर में पीलिया के 10 नए मामले सामने आए हैं। वर्तमान में 32 मरीज अस्पताल के विभिन्न रोगी वार्डों में पीलिया का उपचार प्राप्त कर रहे हैं। ओपीडी में 30 मरीजों में हेपेटाइटिस ए के लक्षण पाए गए हैं और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, आपातकालीन वार्ड में पहुंचे करीब 30 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
बुधवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में पेट दर्द, उल्टी और दस्त के अलावा डायरिया के मरीजों को भी चिकित्सकों ने उपचार दिलाया। टायफाइड और स्क्रब टायफस के मरीजों में जब तेज बुखार के लक्षण पाए गए तो उनके भी टेस्ट करवाए गए। पीलिया संक्रमित मरीजों के लिए अस्पताल में एक विशेष वार्ड आरक्षित रखा गया है। जहां पर मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों को उपचार दिला रहे हैं।
उधर, अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में पीलिया के नए मरीजों के साथ कुल 32 मरीज अभी भी उपचाराधीन है। सात मरीजों को अस्पताल से छु्ट्टी भी दे दी गई है। जलजनित रोगों से ग्रस्त मरीजों को स्वास्थ्य लाभ के अलावा आवश्यक एहतियात बरतने के लिए भी आह्वान किया जा रहा है।
घर-घर तलाशे पीलिया के संभावित मरीज
जोगिंद्रनगर उपमंडल में जानलेवा साबित हो रहे पीलिया के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर पहुंचकर भी जांच की। तेज बुखार से ग्रस्त मरीजों को नजदीकी अस्पताल में उपचार करवाने की भी हिदायत दी। बीएमओ पधर डॉ. संजय महाजन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों को फील्ड में तैनात कर हेपेटाइटिस एक के लक्षणों और इसके उपचार के अलावा आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
पीलिया के प्रकोप के चलते स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताएं स्थागित
जोगिंद्रनगर और पधर क्षेत्र से पीलिया के मामलों को देखते हुए बीएमओ पधर की अनुशंसा पर शिक्षा विभाग ने अंडर-14 जोनल कन्या और बाल खेलकूद प्रतियोगिताएं स्थगित कर दी हैं। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। द्रंग-एक, द्रंग-दो और चौंतड़ा-एक जोन की खेलकूद प्रतियोगिताएं 10 और 14 अगस्त से प्रस्तावित थीं, लेकिन पीलिया के प्रकोप के बीच इन्हें फिलहाल स्थागित कर दिया गया है।