मंडी के जेल रोड स्थित मस्जिद के अवैध निर्माण के ढांचे को गिराते मुस्लिम समुदाय के लोग। फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगर नियोजन विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने जेलरोड स्थित मस्जिद में अवैध निर्माण हटाने के नगर आयुक्त कम निदेशक (टीसीपी) मंडी के आदेशों पर अगली सुनवाई तक स्थगनादेश जारी किए हैं। प्रधान सचिव ने निगम को मस्जिद की संपत्ति को लेकर किसी तरह की कार्रवाई करने से रोक लगा दी है। प्रधान सचिव ने प्रतिवादियों को तीन दिन में पक्ष रखने और संबंधित रिकॉर्ड पेश करने के भी निर्देश दिए हैं। 10 दिन बाद मामले में अगली सुनवाई होगी। प्रधान सचिव ने अपने आदेश में कहा कि अपील में अपीलकर्ता और संपत्ति की ओर प्रथम दृष्टया मामला बनता है और प्रतिवादी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
बता दें कि नगर निगम आयुक्त मंडी ने 13 सिंतबर को अपने फैसले में वेलफेयर कमेटी को अवैध निर्माण हटाकर मस्जिद के भवन को पहले की जैसी स्थिति में लाने के आदेश दिए थे। मंडी मस्जिद की ऐहले इस्लाम वेलफेयर कमेटी ने निगम आयुक्त के फैसले को प्रधान सचिव नगर नियोजन के पास चुनौती दी है। अपीलकर्ता मस्जिद वेलफेयर कमेटी का कहना था कि 1936 के राजस्व रिकाॅर्ड में मस्जिद की 386.19 वर्ग मीटर भूमि ऐहले इस्लाम के कब्जे में दर्ज है। साल 2013 और साल अगस्त 2023 में भारी बारिश के कारण मस्जिद के पुराने ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था और इसका मुख्य भाग गिर गया था।