पंडोह से थुनाग तक चल रहा है तलाशी अभियान
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प्राकृतिक आपदा ने थुनाग क्षेत्र के लोगों के मन में डर बैठा दिया है। 30 जून को इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि मन विचलित हो उठता है। सोमवार रात को थुनाग और आसपास क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हुई, जिससे लोग सहम गए। अधिवक्ता हुक्म सिंह ने बताया कि रात 10:34 बजे बारिश शुरू होते ही पहला हूटर बजा। 10 से 20 मिनट के अंतराल में दो और हूटर बजे। तेज बारिश और हूटर से इलाके में अफरातफरी मच गई। लोग डर के मारे सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
थुनाग निवासी सुरेंद्र पाल और बलवीर सिंह ने बताया कि वह खाना बना रहे थे, तभी हूटर बजा। डर के मारे उन्होंने कुकर और चावल गाड़ी में डाले और ढाई किलोमीटर दूर अपने मित्र भीम सिंह के घर बखलवार पहुंचे। प्रशासन ने पहले ही सूचित किया था कि हूटर लगातार पांच मिनट तक बजने पर ही सुरक्षित स्थानों पर जाना है, लेकिन आपदा की दहशत ने लोगों को बुरी तरह से तोड़ दिया है। रात एक बजे बारिश थमने पर लोगों ने राहत की सांस ली। जंजैहली बाजार और उसके साथ सटे क्षेत्रों में भी रात को लोग हूटर की आवाज सुनकर सहम उठे। एक बार फिर लोगों के मन में 30 जून और एक जुलाई वाला मंजर याद आ गया। गनीमत रही कि कुछ देर बाद बारिश थम गई, तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।