कुट्टी निवासी तेतू ने बताया कि पहाड़ी से रात 12 बजे पहले पानी आया। बाद में पत्थर आना शुरू हो गए। चंद मिनटों में ही चारों तरफ मलबे के ढेर लग गए और गाड़ियों भी बह गईं। मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। पानी और मलबा दुकान को भी अपने साथ बहाकर ले गया। संभलने का मौका ही नहीं मिल पाया। घबराईं महिलाएं मदद मांगने के लिए मजबूर हो गईं। पंजराट में रिश्तेदारी में गए चेतन ने बताया कि सोमवार रात पानी ऐसा आया कि कई घर इसकी चपेट में आ गए। गाड़ियां बह गईं। लोग पानी के बीच फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रिक्की गांव से सात लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
पुराना बाजार करसोग के मतिधर ने बताया कि अचानक ही पानी आना शुरू हुआ और पूरे घरों को अपनी चपेट में ले लिया। समझ ही नहीं आया कि अब क्या करें। जैसे कैसे घर खाली करवाए और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं, भडारणू के पंचायत प्रधान दिलीप कुमार ने बताया कि उनके घर के साथ बहता नाला बेहद तेज रफ्तार से आया, जिससे खेत बह गए। मलबा सड़क पर आ गया। सड़क पूरी तरह से खत्म हो गई।