कोर्स के दौरान प्रशिक्षुओं को बर्फ और हिमखंडों पर चढ़ाई की उन्नत तकनीकों, तकनीकी पर्वतारोहण, सुरक्षा उपायों और पर्वतीय बचाव की आधुनिक विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। कोर्स प्रभारी एवं पर्वतारोहण प्रशिक्षक देश राज ने बताया कि अक्तूबर में मौसम में बदलाव के कारण माउंट फ्रेंडशिप पीक का रास्ता अर्ध-तकनीकी हो गया था। तापमान शून्य से नीचे रहने के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद प्रशिक्षुओं ने साहस और अनुशासन के साथ लक्ष्य हासिल किया। संस्थान के निदेशक अविनाश नेगी के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान की सफलता पर उन्होंने पूरी टीम, प्रशिक्षकों और सफल प्रशिक्षुओं को बधाई दी।