लेह-केलांग-दिल्ली बस रूट सात माह बाद बहाल हो गया है। शनिवार को परिवहन निगम की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। 1072 किलोमीटर की लंबी यात्रा 33 घंटे में पूरी होगी।
इस दौरान बर्फ से लकदक रोहतांग और बारालाचा दर्रा से होकर गुजरने का सुनहरा मौका भी मिलेगा।
उत्तर भारत की सबसे लंबी और रोमांचक लेह-केलांग-दिल्ली बस सेवा एचआरटीसी केलांग ने करीब सात माह बाद बहाल की है। बीते साल अक्तूबर में बर्फबारी के चलते बारालाचा दर्रा बंद से इस रूट पर बस सेवा बंद हो गई थी।
सोमवार को केलांग बस अड्डे से हरी झंडी दिखाकर लेह-दिल्ली बस सेवा को रवाना किया गया।
एचआरटीसी का दावा है कि लेह-दिल्ली रूट पर बस सेवा नार्थ इंडिया की सबसे लंबी और रोमांचक बस सेवा है। यह बस जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, चंड़ीगढ, हरियाणा और दिल्ली होते हुए 1072 किलोमीटर का सफर तय करती है।
बस सेवा शुरू होने से लेह जाने वाले पर्यटकों को किराये में राहत मिलेगी। बस के जरिये एक पर्यटक महज 1200 किराया अदा कर दिल्ली से लेह तक का सफर कर सकेगा।
करीब 16 हजार फीट ऊंचे बारालाचा और 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा के बहाल होने के बाद लेह की तरफ जाने वाले सैलानियों की तादाद बढ़ने लगी है।
कोकसर स्थित पुलिस पोस्ट के मुताबिक हर रोज करीब ढाई हजार वाहन मनाली से लाहौल होते हुए लेह की तरफ रवाना हो रहे हैं।
लेह से दिल्ली पहुंचने के लिए करीब 33 घंटे लगेंगे। इस रूट पर तीन जगह बिलासपुर के स्वारघाट और केलांग तथा लेह में चालक बदलेंगे।
केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मानेपा ने बताया कि निगम ने इस रूट पर करीब सात माह बाद अपनी नियमित बस सेवा शुरू कर दी है।
मानेपा ने कहा कि आम यात्रियों के साथ ही सैलानियों की सुविधा के लिए एक बस लेह से और एक दिल्ली से सुबह चार बजे चलेगी। बस सेवा शुरू होने के साथ ही पर्यटकों ने इस रूट की आनलाइन सीट बुकिंग शुरू कर दी है।