ग्रामीणों को सताई चिंता, आलू बीज का ट्रक कैसे पहुंच पाएगा गांव8
पुल से आगे गांव तक की सड़क छोटी गाड़ियों के लिए भी ठीक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी की दारचा पंचायत के दुर्गम गांव योचे की संपर्क सड़क बड़े वाहनों के लिए बहाल नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। ऐसे में एचआरटीसी की बस सेवा भी शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि दो-तीन दिन में आलू बीज का ट्रक योचे गांव आना है। सड़क की दशा में सुधार नहीं हो पाने से ट्रक का गांव पहुंचना संभव नहीं है।
दारचा से 12 किलोमीटर दूर योचे गांव की सड़क बस संचालन के लिए दुरुस्त नहीं हो सकी है। 15 घरों की आबादी वाले योचे गांव के लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है, या फिर छोटे वाहनों का सहारा लेकर दारचा तक आवाजाही करने को मजबूर है। जिले का दुर्गम गांव हमेशा से ही उपेक्षा का शिकार रहा है। यहां घरों में मोबाइल सिग्नल नहीं रहता है। फोन करने या सुनने के लिए घर से बाहर आना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं है। संपर्क सड़क के बड़े वाहनों के लिए दुरुस्त नहीं होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है। योचे गांव के तंजिन, कलजग, युरज्ञाल, दोरजे, देक्योंग और टशी ने बताया कि योचे संपर्क सड़क अब तक बड़े वाहनों के लिए नहीं खुली है।
दो-तीन दिन में आलू बीज का ट्रक गांव पहुंचना है। योचे पुल से आगे गांव तक सड़क फोर बाई फोर गाड़ियों के लिए भी ठीक तरह से नहीं खुला है। ऐसे में उन्हें खाद और बीज को पहले की तरह ही घोड़ों पर ले जाना पड़ेगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से आग्रह किया है कि योचे सड़क को ठीक किया जाए।
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सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। यदि किसी हिस्से में दिक्कत रही हो तो उसे ठीक कर दिया जाएगा।
-पवन राणा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग