मनाली। घाटी के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल हिडिंबा माता मंदिर इन दिनों वैदिक मंत्रों से गूंज उठा है। 18 जुलाई से आयोजित महायज्ञ में पांच बार विधिवत पूजा-अर्चना और शतचंडी पाठ किया जा रहा है।
23 को आहुतियां अर्पित की जाएगी जबकि 24 को पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ का समापन होगा। महायज्ञ में घाटी के कई देवी-देवता भाग ले रहे हैं। सुबह और शाम के समय विधिवत पूजा के अलावा दोपहर में तीन बार आरती की जा रही है। दोपहर वाद देवलुओं को देव कथा का भी वाचन किया जा रहा है। खास यह है कि महायज्ञ में भाग ले रहे ब्राह्मण और देवलू तपस्वी जैसा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। एक पहर का भोजन कर तमाम विधि पूरी की जाए रही है। सात दिन तक 15 ब्राह्मण मंदिर में शतचंडी पाठ करेंगे। महायज्ञ में माता हिडिंबा, मनु ऋषि, कंचन नाग, शंख नारायण, कार्तिक स्वामी, सियाली महादेव, शांडिल ऋषि, वीरनाथ, वशिष्ट ऋषि, सृष्टि नारायण, फाली नाग, शिरघन नाग आदि देवो देवता भाग ले रहे है। माता हिडिंबा एवं मनु ऋषि के कारदार रघुवीर नेगी ने बताया कि 24 को को पूर्णाहुति होगी। संवाद