केलांग में कार्यकारी उपायुक्त एवं एसडीएम कुनिका को सिस्सू पंचायत प्रधान राजीव कुमार निर्णय पत्र
देवी-देवताओं के पूजन और परंपरागत रीति-रिवाजों की पवित्रता बनाए रखने के लिए निर्णय
सिस्सू पंचायत में में 20 जनवरी से 28 फरवरी तक नहीं होंगी पर्यटन गतिविधियां
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाली सिस्सू घाटी में पर्यटन गतिविधियां थम जाएंगी। देवी-देवताओं के पूजन, अनुष्ठानों और परंपरागत रीति-रिवाजों की पवित्रता बनाए रखने के लिए पंचायत और धार्मिक संस्थाओं ने 40 दिनों तक पर्यटन पर पूर्ण विराम लगाने का सामूहिक फैसला लिया है।
जनवरी में कड़ाके की ठंड के बीच रोजाना सैकड़ों पर्यटक अटल टनल रोहतांग होकर लाहौल पहुंच रहे हैं। अब धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के चलते 20 जनवरी से 28 फरवरी तक सिस्सू पंचायत में पर्यटन गतिविधियां नहीं होंगी। 40 दिनों तक सिस्सू पंचायत में पर्यटन गतिविधियां निषेध रहेंगी। इस तरह का निर्णय ग्राम पंचायत सिस्सू, राजा घेपन कमेटी, देवी भोटी कमेटी, लबरंग गोंपा कमेटी, सिस्सू पंचायत के महिला व युवक मंडलों ने सर्वसम्मति से लिया है। इस 40 दिनों की अवधि में घाटी के देवी-देवताओं का पूजा-पाठ होता है। इसमें किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए इस तरह का निर्णय लिया गया है। बकायदा, जिला प्रशासन को भी सूचित किया गया है। सिस्सू पंचायत के प्रधान राजीव की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल कार्यकारी उपायुक्त कुनिका एकर्ज से मिला। राजीव ने कहा कि चंद्रा घाटी की सिस्सू पंचायत क्षेत्र में हेलीपैड समेत सभी गांवों में पर्यटन गतिविधियां 20 जनवरी 28 फरवरी तक निषेध घोषित की गई हैं। इस अवधि के दौरान सिस्सू पंचायत के अंतर्गत सभी गांवों में पर्यटन से जुड़ीं सभी गतिविधियां बंद रहेंगी। एक प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारी उपायुक्त से मिलकर सिस्सू हेलीपैड की तरफ ट्रैफिक न भेजने का आग्रह किया है।