बारिश के लिए ऊझी घाटी के ग्रामीण देवी-देवताओं की शरण में पहुंचने लगे हैं। गौरतलब है कि ऊझी घाटी के गोशाल गांव के आराध्य देवता ब्यास ऋषि, गौतम ऋषि और नाग देवता को बारिश का देवी-देवता भी कहा जाता है। ढुंगरी की आराध्य देवी माता हिडिंबा ने ऊझी घाटी के नौ गांवों के ग्रामीणों को इन ऋषियों के पास बारिश के लिए फरियाद करने के आदेश दिए हैं। ग्रामीण देवी माता के आदेश को मानकर उपरोक्त देवी-देवता के मंदिर पहुंचे। आराध्य देवी-देवताओं ने गुरवाणी के माध्यम से ग्रामीणों को जल्द बारिश होने का दावा किया है।
इन दिनों ऊझी घाटी के गांव बर्फ से ढके रहते थे, लेकिन इस बार बर्फ और बारिश न होने से लोगों को फसलों की गहरी चिंता सताने लगती है। घाटी के खेत खलियान सूखे की चपेट में आ गए हैं। गौरतलब है कि सोलंग, बुरूआ, मझाच, कोठी, रुआड़, शनाग, गोशाल, कुलंग और पलचान के ग्रामीणों ने ब्यास ऋषि के मंदिर पहुंचकर देवताओं से बारिश के लिए अरदास की। नाग देवता के कारदार हरि सिंह, हारियान पन्ना लाल, सेस राम, भाग चंद आदि ने कहा कि क्षेत्र की जनता में देवता आस्था है। उन्होंने बताया कि कारकूनों को बारिश होने की उम्मीद है।