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Kullu News: महिलाओं के हाथों से सजे सपनों के स्टॉल, खरीदार भी बने कला के मुरीद

Sun, 12 Oct 2025 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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दशहरा उत्सव में लोगों को खूब भा रहे महिलाओं के हाथों से तैयार उत्पाद
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ऊनी स्वेटर, क्रोशिया पर्स, सजावट के सामान और स्वादिष्ट बड़ियां बनीं पसंद
गौरीशंकर
कुल्लू। दशहरे का रंग इस बार सिर्फ रिवाजों और रौनक से नहीं, बल्कि महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता से भी चढ़ रहा है। प्रदर्शनी मैदान में सजे स्टाॅल अब सिर्फ खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण की कहानी कह रहे हैं।
ग्रामीण और शहरी महिलाओं ने अपने हाथों से बनाए ऊनी स्वेटर, क्रोशिया पर्स, सजावट के सामान और स्वादिष्ट बड़ियों के साथ बाजार को न सिर्फ सजाया है, बल्कि दूसरों को भी रोजगार की राह दिखाई है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की साझेदारी से यह मंच अब केवल उत्सव नहीं, अवसर बन गया है। महिलाओं का हार-शृंगार हो या साज-सज्जा और पहनावे का सामान, महिलाएं अपने हाथों तैयार कर रही हैं। प्रदर्शनी मैदान में लगाए स्टाॅल पर ऊनी स्वेटर, खिलौने और अन्य उत्पाद खूब बिक रहे हैं। खासकर सजावट के सामान की ओर लोग आकर्षित हो रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के बनाए उत्पाद बेचने के लिए दशहरा उत्सव समिति ने अलग से बाजार लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उत्सव के दौरान लगे इस बाजार में उनके उत्पाद हाथों-हाथ बिक रहे हैं।
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हाथ से बुनी वस्तुओं से खोली स्वरोजगार की राह
जिन महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह, महिला मंडल और अन्य महिला संगठनों के तहत अपने बनाए उत्पाद दशहरा बाजार में सजाए हैं, उन्हें उन्होंने अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दिया है। महिलाएं अपने हाथों से बनीं वस्तुओं से स्वरोजगार की कहानी लिख रही हैं।

राष्ट्रीय आजीविका मिशन बना साथी
राष्ट्रीय आजीविका मिशन स्वरोजगार की राह दिखाने में महिलाओं का साथी बना है। उत्सव में उत्पाद बेचने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन ने उन्हें स्टॉल उपलब्ध करवाए हैं। कुल्लू दशहरा ही नहीं, प्रदेश और देश स्तर पर लगने वाली प्रदर्शनी में भी राष्ट्रीय आजीविका मिशन महिलाओं का साथ दे रहा है।

क्रोशिया से बनीं वस्तुएं लेकर पहली बार आई हूं। लोगों का अच्छा रुझान दिख रहा है। सजावट का सामान काफी पसंद आ रहा है। धागे से बनाया पर्स भी महिलाओं को खूब भा रहा है। इसके लिए महिलाओं ने और भी ऑर्डर दिए हैं। धागे से बने स्वेटर और अन्य वस्तुएं भी लोगों को भा रही हैं। - डिंपल, मनाली
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महालक्ष्मी स्वयं सहायता समूह 2014 से हाथों से वस्तुएं बनाने के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसमें शाॅल, बड़ियां सहित अन्य सामान शामिल है। दशहरा में शाॅल के साथ माश और मूंग की बड़ियां लाई हैं। स्वयं सहायता समूह से 10 और महिलाएं जुड़ी हैं। उन्हें भी रोजगार का अवसर मिल रहा है। - टीना, टकोली
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