सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। लाहौल में देवताओं के लिए समर्पित रोपसंग के बाद जगदंग पूणा का एक अपना अलग महत्व है। इसमें देवता राजा घेपन गूर के माध्यम से साल भर की भविष्यवाणी करते हैं।
इसका लाहौल-स्पीति और कुल्लू के लोगों को साल भर इंतजार रहता है। वहींं, जगदंग पूणा के आखिरी दिन शनिवार को किंच मनाया, जिसमें सिस्सू गांव की महिलाएं जगदंग गांव पहुंचीं और देवरीति को निभाया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर किलटे में मरछू और कलछोर डालकर रिचा ताची की।
मान्यता है कि इस दिन सभी देवकारज को निपटाकर स्त्री-पुरुष और बच्चे एकत्रित होकर जिस परिवार में संतान प्राप्ति हुई है, वहां शगुन की परंपरा निभाते हैं। देवलू जगदीश, आशीष, सुरेंद्र और नीलचंद ने बताया कि शनिवार को सिस्सू की महिलाएं किंच और रिचा ताची के लिए जगदंग गांव पहुंची। संवाद