जलूग्रां मेले में लालडी नृत्य में झूमती महिलाएं। -आयोजक
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के जल्लूग्रां में दो दिवसीय पारंपरिक मेले में ग्रामीण ठेठ संस्कृति की झलक देखने को मिली। यहां महिलाओं ने लोक संस्कृति और रंगारंग कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर मेले में पहुंचे लोगों को स्थानीय संस्कृति से रूबरू करवाया। इस दौरान प्रसिद्ध लालड़ी नृत्य भी किया गया जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं और दर्शकों ने भाग लिया।
मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे डाॅ. राजेश ठाकुर का स्थानीय समिति और ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान देव धरा पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने एकल गीत, समूह गीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। नाटक और वंदना पेश कर लोगों का मनोरंजन किया। राजकीय प्राथमिक पाठशाला जल्लूग्रां के छात्रों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
महिला मंडलों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मेले की रौनक को और बढ़ाया। पूरे आयोजन के दौरान घाटी में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। संवाद