मतदान करने के बाद उंगली की स्याही दिखाती महिलाएं। संवाद
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कुल्लू। जिले में पंचायत चुनाव के लिए महिलाएं चूल्हा-चौका छोड़कर मतदान केंद्र पहुंचीं और लोकतांत्रिक प्रणाली में अपनी भागीदारी तय की। मतदान के बाद चूल्हा-चौका और खेत-खलिहान की जिम्मेदारी संभाली। ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को अधिकतर मतदान केंद्रों में सबसे पहले महिलाओं की लाइनें लगीं। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ। ऐसे में महिलाओं ने अपना दैनिक कार्य शुरू करने से पहले मतदान केंद्रों का रुख किया।
महिला मतदाता लुदरी देवी, मोतू देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी का कहना है कि मतदान करने का समय सुबह सात बजे शुरू होने के कारण उन्हें जल्द मतदान करने का मौका मिला और अपना दैनिक कार्य शुरू होने से पहले उन्होंने मतदान किया। उससे निपटते ही घर और खेत खलिहान का काम शुरू किया। महिलाओं का कहना है कि सुबह घर का काम होता है लेकिन लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान करना भी जरूरी है। इसके चलते उन्होंने सबसे पहले मंगलवार को मतदान करने का फैसला लिया। दोपहर और उसके बाद भी महिलाओं ने मतदान किया लेकिन अधिकतर कामकाजी महिलाओं ने सुबह ही मतदान कर अपना फर्ज निभाया।