संवाद न्यूूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी के लिए एनटीटी अध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी। इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नई शिक्षा नीति को प्रदेश में लागू किया जा रहा है। यह बात शिक्षा व कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने सोमवार को बंजार विधानसभा क्षेत्र के पुजाली में जनसभा को संबोधित करते हुए कही है।
उन्होंने कहा कि सूबे में अब बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पुजाली स्कूल में विज्ञान और वाणिज्य की कक्षाएं मुख्यमंत्री से चर्चा करने के उपरांत आरंभ की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को घर-द्वार ही संबंधित विषयों की सुविधा मिल सके। शिक्षा मंत्री ने पुजाली में 52 लाख से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 29 करोड़ की 29 योजनाएं निर्मित कर लगभग 15 हजार घरों को नल में जल की सुविधा प्रदान की गई हैं। नाबार्ड के तहत 25.50 करोड़ रुपये लागत की आठ योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने सराय भवन के लिए तीन लाख, देवीथाच प्राथमिक स्कूल को माध्यमिक पाठशाला, पेचा को भी माध्यमिक पाठशाला और माध्यमिक पाठशाला तांदी को उच्च विद्यालयों में स्त्तरोन्नत करने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर लोगों की मांग को पूरा करेंगे। विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत छह पंचायतों के लिए पांच करोड़ की योजनाएं प्रस्तावित हैं। इनकी प्रक्रिया जल्द पूरी कर कार्य आरंभ किया जाएगा। इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष भीमसेन, बंजार मंडलाध्यक्ष बलदेव महंत, उपनिदेशक उच्च शिक्षा शांति लाल शर्मा, पुजाली पाठशाला के प्रधानाचार्य एचएन मल्होत्रा, पंचायत समिति अध्यक्ष लता देवी, पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि व भाजपा के पदाधिकारी समेत स्कूली विद्यार्थी उपस्थित रहे।
101 करोड़ से 26 सड़कों के कार्य प्रगति पर
विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि बंजार विधानसभा क्षेत्र में 101 करोड़ रुपये की लागत से 26 सड़कों के कार्य प्रगति पर हैं। 7.84 करोड़ की लागत से बंजार बाईपास का निर्माण कार्य चला है। 2.89 करोड़ से बंजार में हेलीपैड का निर्माण, जबकि देवरी-सनाड़-सड़क का निर्माण 6.15 करोड़ की लागत से किया है। खाबल पंचायत के लिए 212 लाख रुपये की मोहनी-खाबल पेयजल योजना निर्मित की गई है। 722 लाख से बलागाड़-चेथर-खाबल सिंचाई योजना पर कार्य किया जा रहा है।