बर्फ से लकदक हुए निरमंड से लेकर मनाली के ऊपरी इलाके, 60 पंचायतों में छाई सफेदी
बागवानों को चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की उम्मीद, बोले- सेब उत्पादन भी बढ़ाएगा हिमपात
रोशन ठाकुर
कुल्लू। जिला कुल्लू में सेब उत्पादन से करीब 1,000 करोड़ का कारोबार होता है। सेब के लिए बर्फबारी को सबसे ज्यादा फायदेमंद और संजीवनी माना जाता है। वीरवार को कुल्लू में हुई बर्फबारी-बारिश से किसानों-बागवानों के खेत-बगीचे तर हो गए हैं। बर्फ की चांदी से सेब में लाल रंगत आएगी।
जिले के अधिकतर इलाकों में वीरवार को बारिश का दौर जारी रहा। इससे करीब 60 पंचायतों में बर्फबारी होने से किसानों-बागवानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है। ऊंचाई वाली इन पंचायतों में 5 से 12 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है। इससे कृषि और बागवानी में जान आ गई है। खासकर बर्फ पड़ने से सेब उत्पादकों के चेहरे खिल गए हैं। अब सेब के बगीचे में 1200 से 1600 घंटों के चिलिंग ऑवर्स पूरा होने की भी बागवानों में उम्मीद बंधी है।
इस बार सर्दी में पर्याप्त बर्फबारी न होने से किसानों-बागवानों में काफी मायूसी है। फरवरी का महीना भी खत्म होने वाला है। वीरवार सुबह से हो रही बर्फबारी से निरमंड, आनी, बंजार, कुल्लू, पार्वती घाटी, सैंज, तीर्थन और ऊझी घाटी की 60 पंचायतें बर्फ से लकदक हो गई हैं।
बागवानी के लिए प्रसिद्ध कुल्लू घाटी में पिछले करीब एक दशक से सेब का उत्पादन बढ़ाने के बजाय लगातार गिरता जा रहा है। जिले के करीब 90 हजार परिवार बागवानी से जुड़े हैं। इन्हें हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भले ही एक तरफ जिले में बागवानी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ उत्पादन में कमी होने से बागवानों की चिंता बढ़ने लगी है।
बगीचों से बीमारियां भी भगाती है बर्फबारी
बागवान लीला प्रकाश, बेली राम, किशोरी लाल, संजय कुमार, ओमप्रकाश, अशोक कुमार, हीरा लाल और लाल चंद ठाकुर ने कहा कि बर्फबारी न केवल सेब उत्पादन को बढ़ाती है, बल्कि बगीचों में लगने वाली कई बीमारियों को भी दूर करती है। जिले में करीब एक करोड़ सेब पेटियों के उत्पादन की क्षमता है। बागबानी विभाग कुल्लू के विशेषज्ञ उत्तम पाराशर ने कहा कि जिले के जिन क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है, वह सेब उत्पादन के लिए संजीवनी का काम करेगी।
पिछले छह साल में कुल्लू जिला में सेब का उत्पाद
वर्ष सेब उत्पादन पेटियां लाखों में
2019 38 लाख
2020 65 लाख
2021 46 लाख
2022 56 लाख
2023 72 लlख
2024 51 लाख